मध्य रेल की ‘स्वच्छता रथ’ ट्रेन ने हटाया 1.68 लाख किलो कचरा और कीचड़

मध्य रेल का स्वच्छता अभियान

मध्य रेल की ?स्वच्छता रथ? ट्रेन ने हटाया 1.68 लाख किलो कचरा और कीचड़

मुंबई में चार घंटे चला विशेष सफाई अभियान, 881 कर्मचारियों ने संभाली जिम्मेदारी, 2800 बोरियों में भरकर कचरा पहुंचाया निस्तारण केंद्र

मुंबई। मध्य रेल ने रेल पटरियों, स्टेशनों और रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया। इसके तहत 4 अक्टूबर 2026 को रविवार के मेगा ब्लॉक के दौरान ?स्वच्छता रथ? यानी मलबा विशेष ट्रेन के माध्यम से 1.68 लाख किलोग्राम कीचड़, कचरा और अपशिष्ट एकत्र कर निस्तारण के लिए भेजा गया। यह अभियान स्वच्छता पखवाड़ा और विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत चलाया गया।

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से दादर के बीच सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मस्जिद, परेल, दादर और माटुंगा स्टेशनों पर विशेष रूप से सफाई की गई। रेल पटरियों के किनारे जमा कीचड़, कचरे और अन्य अपशिष्ट को एकत्र कर व्यवस्थित तरीके से हटाया गया।

अभियान के दौरान एकत्र किए गए कचरे को 2,800 बोरियों में भरकर अधिकृत स्वच्छता व्यवस्था के माध्यम से निर्धारित निस्तारण एवं प्रसंस्करण केंद्रों तक पहुंचाया गया। इस कार्य में ट्रैकमैन, सफाई कर्मचारी, हाउसकीपिंग टीमें, पर्यवेक्षक और ठेका श्रमिकों सहित कुल 881 कर्मचारियों ने योगदान दिया।

मानसून में जलभराव रोकने में मिलेगी मदद

रेलवे पटरियों के किनारे फेंका गया कचरा आसपास के वातावरण को गंदा करने के साथ जल निकासी व्यवस्था को भी बाधित कर सकता है। इससे मानसून के दौरान पटरियों पर पानी भरने की समस्या उत्पन्न होने की आशंका रहती है। ऐसे में ?स्वच्छता रथ? के माध्यम से कीचड़ और कचरे को हटाने से जल निकासी व्यवस्था बेहतर बनाए रखने तथा रेलवे परिसर को स्वच्छ रखने में मदद मिलती है।

मध्य रेल के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान मुंबई मंडल में कुल 1.91 लाख घन मीटर कीचड़, कचरे और अपशिष्ट की सफाई कर उसका निस्तारण किया गया। रेलवे प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि रेल पटरियों पर कचरा न फेंकें और रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।

मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील नीला ने बताया कि ?स्वच्छता रथ? विशेष ट्रेन का संचालन स्वच्छ पटरियां, स्वच्छ स्टेशन और स्वच्छ ट्रेनें सुनिश्चित करने की दिशा में रेलवे के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।