भगवान श्री कृष्णा की बाल लीलाओं एवं गोवर्धन पूजा का हुआ भावपूर्ण वर्णन: डॉ चंद्रमणि त्रिपाठी

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वाराणसी। बड़ागांव क्षेत्र के खटौरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस कथा व्यास डॉ चंद्रमणि त्रिपाठी (पूर्व प्राचार्य व्याकरणाचार्य)ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में भगवान द्वारा माता-पिता को उपदेश, गोकुल गमन, योगमाया का आगमन, कंस को चेतावनी, नन्दोत्सव, पूतना वध, अघासुर, बकासुर एवं शकटासुर वध के प्रसंग सुनाए गए।

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इसके साथ ही गोवर्धन पूजा एवं इन्द्र के मान-मर्दन तथा रुक्मिणी संदेश तक की कथा का विस्तार से वर्णन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और कथा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।

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कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हमें धर्म, भक्ति, प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्तिमय वातावरण में कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर चंदेश्वर नारायण सिंह,मंजू सिंह,सुषमा सिंह, राजेश्वर सिंह,नागेश्वर सिंह, बिंजेश्वर सिंह, जितेंद्र सिंह,हेमंत सिंह, हर्षित सिंह, किशन सिंह गिरीश सिंह धनंजय सिंह शांति भूषण सिंह, शशिभूषण सिंह आदि लोग उपस्थित थे।