बिजनौर में कोचिंग सेंटरों की मनमानी नहीं चलेगी, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई

कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा पर सख्त हुए डीएम

बिजनौर में कोचिंग सेंटरों की मनमानी नहीं चलेगी, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई

डीएम उमेश प्रताप सिंह ने संचालकों को दी चेतावनी, सीएफओ डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय भी रहे मौजूद

बिजनौर। जनपद में संचालित कोचिंग सेंटरों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने कोचिंग सेंटर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों और दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में कोचिंग सेंटर संचालकों के साथ आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लखनऊ में हाल ही में हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।

बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय भी मौजूद रहे। अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोचिंग संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने संचालकों को अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। साथ ही सभी संचालकों को शपथ पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा गया कि उनके संस्थानों में शासन की गाइडलाइन का पूर्ण पालन किया जा रहा है।

16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को प्रवेश नहीं

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कोचिंग सेंटरों में प्रवेश नहीं दिया जाए। विद्यालयों के निर्धारित समय के दौरान कोचिंग का संचालन भी नहीं किया जाए। इसके अलावा विद्यार्थियों और अभिभावकों को गुमराह करने वाले भ्रामक विज्ञापनों के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी कोचिंग सेंटरों का जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। संस्थानों को अपनी वेबसाइट पर फीस और शिक्षकों यानी फैकल्टी का पूरा विवरण प्रदर्शित करना होगा, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को संस्थान से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके।

नियम तोड़ने पर 25 हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना

बैठक में कोचिंग सेंटरों के लिए निर्धारित नियमों के उल्लंघन पर 25 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक जुर्माने के प्रावधान की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने संचालकों को चेतावनी दी कि वे सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएं।

जिला प्रशासन का उद्देश्य कोचिंग सेंटरों में सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के मामले में लापरवाही करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।