पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने मनाया विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस, सप्ताहभर चले जागरूकता कार्यक्रम

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को अपनी मानसिक परेशानियों पर खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 4 से 10 अक्टूबर 2026 तक मालीगांव स्थित केंद्रीय अस्पताल में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया। सप्ताहभर चले इस अभियान के दौरान स्कूली विद्यार्थियों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।

चिकित्सा निदेशक के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय अस्पताल के मनोरोग विभाग ने भारतीय मनोरोग सोसायटी की असम राज्य शाखा के सहयोग से किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक झिझक को दूर करना तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से सहायता लेने के लिए लोगों को प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम के तहत क्लिनिकल मनोचिकित्सक शताक्षी मिश्रा और उनकी टीम ने नेताजी विद्यापीठ स्कूल तथा रेलवे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य विषय पर प्रश्नोत्तरी भी कराई गई। विद्यार्थियों को भावनात्मक स्वास्थ्य, मानसिक परेशानियों को समझने और समय रहते पेशेवर सहायता लेने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

केंद्रीय अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनामिका फुकन ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 की विषयवस्तु को स्वास्थ्यकर्मियों के सामने प्रस्तुत किया। इसके बाद डॉ. संजय सिंह ने विषय पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों की बात सुनना, उनके अनुभवों को समझना और उन्हें सहयोगपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

सप्ताहभर चले अभियान में सूचना, शिक्षा एवं संचार से संबंधित सामग्री भी वितरित की गई। इसके अतिरिक्त सेंट मार्था इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग परिसर में नाटक प्रस्तुत कर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। नाटक के माध्यम से लोगों को मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने इन गतिविधियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और इससे जुड़ी सामाजिक झिझक को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। रेलवे का उद्देश्य कर्मचारियों, उनके परिवारों और व्यापक समुदाय के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है।