पालधी-तरसोद बाईपास आरओबी की आरई दीवार पर मध्य रेलवे की कड़ी नजर

पालधी-तरसोद बाईपास आरओबी की आरई दीवार पर मध्य रेलवे की कड़ी नजर

जलगांव-भादली रेलखंड में रेलवे ट्रैक और ट्रेन संचालन पूरी तरह सुरक्षित, एक कैरिजवे यातायात के लिए बंद

मध्य रेलवे द्वारा जलगांव-भादली रेलखंड के किलोमीटर 423/16-18 पर स्थित पालधी-तरसोद बाईपास हाईवे रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) की आरई दीवार की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यह आरओबी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से संबंधित है।

31 जुलाई 2026 को आरओबी की आरई दीवार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर ढह गया था। इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से आरओबी के एक दो-लेन कैरिजवे को सड़क यातायात के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि नागपुर की ओर जाने वाला दो-लेन कैरिजवे यातायात के लिए चालू है। आरओबी को 17 अगस्त 2025 को सड़क यातायात के लिए खोला गया था। इसमें 18 मीटर का एक वायाडक्ट, 35 मीटर का मुख्य स्पैन और 18 मीटर का एक अन्य वायाडक्ट शामिल है।

मध्य रेलवे ने स्पष्ट किया है कि घटना का रेलवे ट्रैक और ट्रेन संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। रेलवे ट्रैक, रेल यातायात और रेलवे परिसंपत्तियां पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से जारी है।

मानसून को देखते हुए घटनास्थल की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद एनएचएआई के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया था। इसके बाद पत्राचार और बैठकों के माध्यम से लगातार इसकी निगरानी की जा रही है।

मध्य रेलवे ने एनएचएआई को आरई दीवार को स्थिर करने, उचित जल निकासी व्यवस्था करने, घटना के मूल कारण का तकनीकी विश्लेषण करने, जल्द से जल्द मरम्मत एवं बहाली कार्य पूरा करने और स्थल की निरंतर निगरानी करने की सलाह दी है। आरई दीवार की तकनीकी डिजाइन, मूल कारण विश्लेषण और बहाली योजना से संबंधित विवरण अभी एनएचएआई से प्राप्त होना बाकी है।

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने कहा कि रेलवे ट्रैक, ट्रेन संचालन और रेलवे परिसंपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। एनएचएआई के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए स्थल की लगातार निगरानी की जा रही है।