पर्यावरण मित्र के दो दिवसीय वन दर्शन में पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय आयुध उपस्कर निर्माणी हजरतपुर के 295 विद्यार्थियों ने सीखा प्रकृति संरक्षण का पाठ

संवाद सिटी अपडेट रिपोर्ट प्रशांत कुलश्रेष्ठ शिकोहाबाद। प्रकृति संरक्षण को समर्पित संस्था पर्यावरण मित्र द्वारा वर्तमान एवं भावी पीढ़ी को  पर्यावरण के प्रति प्रेम जगाना और उन्हें प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से शैक्षिक एवं प्रेरणादायक वन दर्शन कार्यक्रम का आयोजन कराया गया। इस दो दिवसीय वन दर्शन के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय हजरतपुर के विद्यार्थियों को दो भागों में प्रकृति की गोद में ले जाकर उन्हें वन दर्शन कराया, जहाँ बच्चों ने किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक रूप से पर्यावरण को करीब से महसूस किया। 
वन दर्शन भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कृषि, बागवानी और वन प्रबंधन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण व्यावहारिक जानकारियां दी गईं। 

संस्था की अध्यक्ष किरण बजाज ने टेलीफोन पर दिए अपने संदेश में विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों से अपील की कि इस दीपावली को प्रदूषणमुक्त और पर्यावरण अनुकूल बनाने का संकल्प लें। पटाखों के स्थान पर भजन-कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन और पारिवारिक खुशियों के साथ त्योहार मनाएं। घर में बनी मिठाइयों का आनंद लें और प्रकृति एवं पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों से बचें। उन्होंने कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर उत्सव मनाने में है।

विशेषज्ञ राजीव प्रताप सिंह ने बच्चों को नर्सरी में पौधों को तैयार करने की वैज्ञानिक और पारंपरिक विधियों से अवगत कराया, जिसमें टिप कटिंग के माध्यम से पौधे तैयार करने व उसकी देखभाल करने की विधि को समझाया। इसके साथ ही, बच्चों को प्राकृतिक खेती और स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होने वाली जैविक सब्जियों के उत्पादन के बारे में विस्तार से समझाया गया। रासायनिक खादों के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें जैविक खाद (कम्पोस्ट) बनाने की प्रक्रिया और इसके लाभों की प्रायोगिक जानकारी भी दी गई।

वरिष्ठ समन्यवय दीपक औहरी ने विद्यार्थियों को पाॅलीथिन निषेध, कचरा प्रबन्धन व पौधारोपण के बारे में विस्तार से समझाया साथ ही दीपावली पर पटाखे चलाने से होने वाले ध्वनि व वायु प्रदूषण के दुष्परिणामों के बारे में भी बताया। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और सीखे गए ज्ञान को अपने दैनिक जीवन व विद्यालयों में अपनाने का प्रण किया। 

विद्यालय से आए शिक्षकों द्वारा ?पर्यावरण मित्र? संस्था के इस प्रयास की खूब सराहना की उन्होंने कहा कि क्योंकि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में बचपन से ही हरित संस्कृति की मजबूत नींव रखते हैं।
विद्यालय से आए शिक्षकों में विश्व प्रकाश, प्रवीन, प्रबल प्रताप, अजीत, अर्जिता पटेल, नेहा गुप्ता, संगीता, अभय आचार्य, वर्षा शर्मा, चारू शाक्या, गायत्री पोरवाल, कल्पना सिंह, श्रृष्टि कश्यप, दिलीप उपस्थित रहे। 
कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण मित्र समन्वयक मोहित जादोंन ने सभी का धन्यवाद प्रकट किया।