पत्रकारिता के लिए न्यूनतम योग्यता तय करने की मांग, फर्जीवाड़े और ब्लैकमेलिंग पर कार्रवाई की भी मांग

मुंगेली। प्रेस क्लब अध्यक्ष अनिल सोनी के नेतृत्व में जिले के पत्रकारों ने पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम एडिशनल एसपी प्रशांत शुक्ला को तीन अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। पत्रकारों ने पत्रकारिता के क्षेत्र में न्यूनतम योग्यता निर्धारित करने, जनसंपर्क विभाग की पत्रकार सूची के सत्यापन और कथित तौर पर आधारहीन आरोप लगाने एवं ब्लैकमेलिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।पत्रकारिता में न्यूनतम योग्यता निर्धारित करने की मांग
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए पहले ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा कि विभिन्न पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक एवं अन्य योग्यताएं निर्धारित होती हैं, लेकिन पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रवेश के लिए ऐसी कोई स्पष्ट न्यूनतम योग्यता निर्धारित नहीं है। पत्रकारों का कहना है कि इसके चलते कोई भी व्यक्ति किसी संचार माध्यम से जुड़कर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों से सवाल-जवाब करता है, जिससे कई बार पत्रकारिता की गरिमा और योग्य पत्रकारों की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।प्रेस क्लब ने पत्रकारिता से जुड़ने के लिए न्यूनतम योग्यता निर्धारित करने की व्यवस्था लागू करने की मांग मुख्यमंत्री से की है।जनसंपर्क विभाग की पत्रकार सूची के सत्यापन की मांग दूसरे ज्ञापन में जिले के जनसंपर्क विभाग में दर्ज पत्रकारों की सूची का सत्यापन और पुलिस वेरिफिकेशन कराने की मांग की गई। साथ ही नए पत्रकारों के नाम सूची में शामिल करने के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित करने अथवा चयन समिति गठित करने का सुझाव दिया गया, ताकि समिति की अनुशंसा के बाद ही पात्र पत्रकारों को सूची में शामिल किया जा सके।आधारहीन आरोप और ब्लैकमेलिंग करने वालों पर कार्रवाई की मांगवहीं,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम एडिशनल एसपी प्रशांत शुक्ला को सौंपे गए तीसरे ज्ञापन में कुछ तथाकथित पत्रकारों द्वारा जिले के पत्रकारों एवं अधिकारियों पर कथित रूप से आधारहीन आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करने और ब्लैकमेलिंग किए जाने की शिकायत की गई। प्रेस क्लब ने ऐसे मामलों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।इस दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष अनिल सोनी,सचिव योगेश शर्मा सहित जिले के अन्य वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता और गरिमा बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में स्पष्ट एवं प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।