धान खरीद की अव्यवस्थाओं के खिलाफ 12 अक्टूबर को पूरनपुर मंडी में भाकियू टिकैत का विशाल प्रदर्शन, मांगें पूरी न होने पर हाईवे जाम की चेतावनी

पूरनपुर। धान खरीद व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और सरकारी क्रय केंद्रों के समय से संचालन न होने को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मोर्चा खोल दिया है। भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी ने घोषणा की है कि 12 अक्टूबर, सोमवार को पूरनपुर धान मंडी में किसानों के साथ विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।

गोगी ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्रों के संचालन को लेकर पूर्व में प्रशासन को ज्ञापन देकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया गया था। उस दौरान क्रय केंद्र खुलवाने के लिए 5 से 7 दिन का समय दिया गया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी कई केंद्रों के संचालन को लेकर किसानों में असंतोष बना हुआ है।

भाकियू जिलाध्यक्ष ने धान खरीद के लिए पोर्टल पर निर्धारित मात्रा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से प्रति एकड़ 22 से 23 क्विंटल तक उत्पादन का आकलन किए जाने के बावजूद पोर्टल पंजीकरण में केवल 15 क्विंटल धान की खरीद की व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। संगठन का कहना है कि इससे किसानों के अतिरिक्त धान की बिक्री को लेकर संकट खड़ा हो सकता है।

गोगी ने पूरनपुर क्षेत्र में धान के कथित कम दाम पर खरीद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में राइस मिलें पूरनपुर क्षेत्र में हैं और सरकारी खरीद व्यवस्था सुचारु न होने के कारण किसान निजी खरीददारों के सामने मजबूर हो रहे हैं।

भाकियू का आरोप है कि कुछ राइस मिलों पर धर्मकांटा, सीडी आदि के नाम पर कटौती किए जाने से किसानों को धान का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। संगठन के अनुसार, करीब ₹2400-2500 प्रति क्विंटल मूल्य वाले धान को कथित तौर पर ₹1600-1800 प्रति क्विंटल तक के दाम पर खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है।

गुरदीप सिंह गोगी ने क्षेत्र के किसानों से 12 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में पूरनपुर धान मंडी पहुंचकर प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मांगें पूरी न होने की स्थिति में हाईवे जाम करने जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी है।

भाकियू टिकैत ने स्पष्ट किया है कि किसानों के धान की उचित खरीद, पारदर्शी तौल और उचित मूल्य सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा।