जैसलमेर और फलोदी रेलवे स्टेशनों का मीडिया दल ने किया दौरा, यात्री सुविधाओं और पुनर्विकास कार्यों की ली जानकारी

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पश्चिमी राजस्थान के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ उनकी स्थानीय विरासत और संस्कृति के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार, 28 सितंबर 2026 को पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों के विशेष दल ने जैसलमेर और फलोदी रेलवे स्टेशनों का दौरा किया। इस दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने मीडिया दल को दोनों स्टेशनों पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों और यात्रियों के लिए तैयार की जा रही सुविधाओं की जानकारी दी।

140 करोड़ से बदला जैसलमेर स्टेशन का स्वरूप

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 140 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर राजस्थान की विरासत और आधुनिक रेल सुविधाओं का बेहतर समन्वय देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा 17 जुलाई 2026 को राष्ट्र को समर्पित किए गए इस स्टेशन को जैसलमेर की पहचान के अनुरूप प्रसिद्ध पीले पत्थरों से हेरिटेज स्वरूप दिया गया है।

भविष्य की यात्री जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किए गए स्टेशन पर प्रतिदिन 35 हजार से अधिक यात्रियों की क्षमता के अनुरूप सुविधाएं तैयार की गई हैं। करीब 8,327 वर्गमीटर क्षेत्र में बने जी+2 मुख्य भवन में आधुनिक यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर 10 लिफ्ट और 10 एस्केलेटर लगाए गए हैं।

प्लेटफॉर्मों के बीच आवागमन को सुगम बनाने के लिए छह मीटर चौड़े दो नए फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं। वहीं, तीनों प्लेटफॉर्मों पर 10 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में आधुनिक शेड लगाए गए हैं।

स्टेशन का विशाल एयर कॉनकोर्स भी पुनर्विकास की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। यहां करीब 480 वर्गमीटर क्षेत्र में वाणिज्यिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, विश्राम कक्ष, छात्रावास सुविधा, बहुउद्देशीय सभागार, कियोस्क और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। दिव्यांग यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

स्टेशन पर पिट लाइनों और कोचिंग टर्मिनलों के विस्तार से ट्रेनों के प्राथमिक रखरखाव, निरीक्षण और तकनीकी कार्यों की क्षमता में वृद्धि हुई है। इससे भविष्य में रेल सेवाओं के विस्तार में भी मदद मिलेगी। पर्यटन के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध जैसलमेर में आधुनिक रेलवे स्टेशन से पर्यटकों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलने के साथ स्थानीय कारोबार और क्षेत्रीय संपर्क को भी गति मिलने की उम्मीद है।

18.15 करोड़ से फलोदी स्टेशन में दिखेगा मारवाड़ का रंग

मीडिया दल ने करीब 18.15 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किए जा रहे फलोदी रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया। स्टेशन के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे के उन्नयन का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष फिनिशिंग कार्य अंतिम चरण में चल रहे हैं।

फलोदी स्टेशन के नए भवन में मारवाड़ की पारंपरिक स्थापत्य कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। हेरिटेज स्वरूप में तैयार किया जा रहा स्टेशन यात्रियों और पर्यटकों को मरुधरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराएगा।

यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार, विशाल सर्कुलेटिंग एरिया तथा पार्किंग विकसित की जा रही है। प्लेटफॉर्मों के बीच सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवरब्रिज तैयार किया गया है। आधुनिक सीटों से सुसज्जित प्रतीक्षालय, वीआईपी कक्ष और छात्रावास सुविधा भी विकसित की गई है।

स्टेशन पर एलईडी प्रकाश व्यवस्था, आधुनिक कोच डिस्प्ले बोर्ड, डिजिटल सूचना डिस्प्ले बोर्ड और बेहतर यात्री संकेतक लगाए जा रहे हैं। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रैंप और दिव्यांग-अनुकूल शौचालय भी बनाए गए हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जैसलमेर और फलोदी स्टेशनों का पुनर्विकास पश्चिमी राजस्थान में रेल बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जैसलमेर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त हेरिटेज स्टेशन और फलोदी में मारवाड़ की स्थापत्य कला से सजा नया स्टेशन यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ पर्यटन, स्थानीय कारोबार और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति प्रदान करेंगे।