कोहरे के मौसम में शून्य रेल दुर्घटना का लक्ष्य, प्रयागराज मंडल में 50 मुख्य लोको निरीक्षकों ने लिया संरक्षा का संकल्प

प्रयागराज। सर्दी और कोहरे के मौसम में सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में प्रयागराज की संयुक्त लोको पायलट एवं ट्रेन मैनेजर लॉबी में मुख्य लोको निरीक्षकों की संरक्षा संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें विभिन्न मुख्यालयों से आए लगभग 50 मुख्य लोको निरीक्षकों ने हिस्सा लिया। संगोष्ठी में आगामी कोहरे के मौसम में शून्य दुर्घटना का लक्ष्य हासिल करने और संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर जे.सी.एस. बोरा और विशिष्ट अतिथि प्रयागराज मंडल के मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल रहे।

मुख्य अतिथि जे.सी.एस. बोरा ने कहा कि सुरक्षित रेल संचालन में मुख्य लोको निरीक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वे लोको पायलटों और रनिंग कर्मचारियों के मार्गदर्शक एवं प्रशिक्षक होते हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि प्रत्येक कर्मचारी को संरक्षा नियमों के प्रति जागरूक, दक्ष और सतर्क बनाए रखें। उन्होंने कर्मचारियों से पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा त्रुटिरहित रेल संचालन के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया।

उन्होंने सिग्नल के संकेतों को स्पष्ट और ऊंचे स्वर में दोहराने, लोको कैब में अनुशासन एवं एकाग्रता बनाए रखने और निर्धारित गति सीमा का हर परिस्थिति में पालन करने पर विशेष जोर दिया।

मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल ने कहा कि रेलवे में सुरक्षित परिचालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मुख्य लोको निरीक्षकों को लंबी दूरी के रेलखंडों पर व्यापक फुटप्लेट निरीक्षण करने की सलाह दी, ताकि लोको पायलटों की मानसिक और शारीरिक सजगता का सही आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि रेल संचालन में सामने आने वाली किसी भी कमी को बिना संकोच अधिकारियों के सामने रखा जाए, जिससे समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

संगोष्ठी में मुख्य बिजली लोको इंजीनियर एस.के. तिवारी ने सर्दी और कोहरे के दौरान लोको पायलटों की प्रभावी काउंसलिंग पर चर्चा की। उन्होंने आपात परिस्थितियों से निपटने, आरएस वाल्व के उपयोग के लिए तत्पर रहने और लूप लाइन तथा मुख्य लाइन से गुजरते समय सिग्नल के संकेतों की दोबारा पुष्टि करने की आवश्यकता बताई।

वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (परिचालन) आकाश श्रीनेत्र ने कहा कि कर्मचारियों की काउंसलिंग केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि वास्तविक घटनाओं और उदाहरणों के माध्यम से उन्हें संरक्षा नियमों की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने मुख्य लोको निरीक्षकों को तकनीकी बदलावों और नए संरक्षा मानकों का लगातार अध्ययन करने की सलाह दी।

इस दौरान मुख्य लोको निरीक्षकों ने भी अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन मुख्य क्रू नियंत्रक (सामान्य) वासुदेव पाण्डेय ने किया। संगोष्ठी में चलचित्र के माध्यम से प्रयागराज लॉबी में अपनाई जा रही संरक्षा प्रक्रियाओं और कोहरे के मौसम की तैयारियों को भी प्रदर्शित किया गया।

अंत में सभी अधिकारियों और मुख्य लोको निरीक्षकों ने आगामी कोहरे के मौसम में सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने, संरक्षा नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करने और शून्य दुर्घटना का लक्ष्य प्राप्त करने का संकल्प लिया।