एनएफआर ने माल परिवहन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए आईआईटी गुवाहाटी से मिलाया हाथ

एनएफआर ने माल परिवहन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए आईआईटी गुवाहाटी से मिलाया हाथ

एआई आधारित ?प्रोजेक्ट दृष्टि? से मालगाड़ियों के वैगन, दरवाजे, ताले और सील की होगी निगरानी

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने माल परिवहन की सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने के लिए आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकी समाधान ?प्रोजेक्ट दृष्टि? विकसित किया है। परियोजना का औपचारिक उद्घाटन 25 सितंबर को मालीगांव स्थित पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर आईआईटी गुवाहाटी के प्रतिनिधियों के साथ रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

?प्रोजेक्ट दृष्टि? का उद्देश्य मालगाड़ियों के वैगनों के दरवाजों, तालों और सील की निगरानी को अधिक तेज, विश्वसनीय और प्रभावी बनाना है। इसके लिए उच्च गति वाले कैमरों, बुद्धिमान प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित नेटवर्क और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एकीकृत किया गया है। यह प्रणाली निर्धारित निगरानी बिंदुओं से गुजरने वाली मालगाड़ियों के वैगनों की जांच करेगी। साथ ही वैगन संख्या की पहचान कर दरवाजे, ताले और सील की स्थिति का विश्लेषण करेगी।

इस तकनीक की मदद से यह पता लगाने में आसानी होगी कि वैगन के दरवाजे और सील सुरक्षित हैं या उनमें किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है। जांच के परिणामों को डिजिटल रूप से दर्ज किए जाने से रेल कर्मचारियों को संभावित अनियमितता की स्थिति में समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि देश की आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने, आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई तथा उद्योग और कृषि क्षेत्र को सहयोग देने में माल परिवहन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में भौगोलिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के कारण सड़क परिवहन कई बार कठिन हो जाता है। ऐसे में रेलवे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा के रूप में कार्य करता है।

महाप्रबंधक ने मालगाड़ियों में भेजी जाने वाली सामग्री की सुरक्षा के लिए वैगनों के दरवाजों को सही तरीके से बंद करने और सील को सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले इस तरह का निरीक्षण मुख्य रूप से मानवीय प्रक्रिया पर निर्भर था, जिससे विशेषकर रात के समय और खराब मौसम में अधिक समय और प्रयास लगता था। ?प्रोजेक्ट दृष्टि? इस प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाकर इन चुनौतियों को कम करने में मदद करेगा।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी व्यवस्था से माल की सुरक्षा बढ़ने के साथ समय की भी बचत होगी। इससे रेलवे सुरक्षा बल, वाणिज्य विभाग और अन्य अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के कार्य को भी सरल बनाने में मदद मिलेगी। संभावित गड़बड़ियों की तेजी से पहचान होने से माल परिवहन की निगरानी और अधिक प्रभावी हो सकेगी तथा केवल मानवीय निरीक्षण पर निर्भरता कम होगी।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और आईआईटी गुवाहाटी का यह सहयोग रेलवे के परिचालन अनुभव तथा शैक्षणिक और तकनीकी विशेषज्ञता को एक साथ लाता है। ?प्रोजेक्ट दृष्टि? माल परिवहन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौती के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

इस अवसर पर महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने आईआईटी गुवाहाटी की टीम तथा पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और तकनीकी कर्मचारियों को इस अवधारणा को तकनीकी समाधान में बदलने के लिए बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ?प्रोजेक्ट दृष्टि? भविष्य में और अधिक सफलता हासिल करेगा तथा पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और आईआईटी गुवाहाटी के बीच ऐसी अन्य सहयोगी परियोजनाओं का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

कपिंजल किशोर शर्मा मुख्य जनसंपर्क अधिकारी