ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में बड़ी उपलब्धि, एस्केप टनल-1 का अंतिम ब्रेकथ्रू

ऋषिकेश। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्य में शुक्रवार को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। रेल विकास निगम लिमिटेड के ऋषिकेश परियोजना कार्यान्वयन इकाई ने 10.847 किलोमीटर लंबी एस्केप टनल-1 का अंतिम ब्रेकथ्रू सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इसके साथ ही परियोजना में अब तक कुल 41 टनल ब्रेकथ्रू पूरे हो चुके हैं।

एस्केप टनल-1 परियोजना की दूसरी सबसे लंबी सुरंग है। इसका निर्माण हिमालय की बेहद चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय परिस्थितियों के बीच किया गया है। सुरंग का पूरा क्षेत्र अत्यधिक टेक्टोनाइज्ड, बहु-वलित और व्यापक रूप से फॉल्टेड चट्टानी क्षेत्र से होकर गुजरता है। खुदाई के दौरान बड़े पैमाने पर शियरिंग और कई स्थानों पर अत्यधिक क्रश्ड रॉक जैसी कठिन परिस्थितियां भी सामने आईं।

भूगर्भीय चुनौतियों के चलते सुरंग में मोटे माइलोनाइट जोन भी मिले। इनका प्रमुख कारण सुरंग का मेन बाउंड्री थ्रस्ट के निकट स्थित होना रहा। ऐसी जटिल परिस्थितियों के बावजूद इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, अधिकारियों, ठेकेदारों और श्रमिकों के निरंतर प्रयास एवं बेहतर टीमवर्क से सुरंग की खुदाई पूरी कर अंतिम ब्रेकथ्रू हासिल किया गया।

परियोजना में अब कुल 41 टनल ब्रेकथ्रू पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष पांच ब्रेकथ्रू अगले एक वर्ष के भीतर पूरा किए जाने की उम्मीद है। लगातार हो रही इन उपलब्धियों से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अपने निर्माण लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

एस्केप टनल-1 का अंतिम ब्रेकथ्रू हिमालय के दुर्गम भूभाग में आधुनिक रेल संपर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि माना जा रहा है।