उत्तर पश्चिम रेलवे में स्वच्छ और शुद्ध पेयजल के लिए विशेष अभियान

जयपुर। यात्रियों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों और अन्य परिसरों में स्थित जल टैंकों की सफाई के साथ-साथ पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है।

17 अगस्त 2026 से शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत अब तक 18,664 जल टैंकों की सफाई की जा चुकी है। रेलवे द्वारा जल भंडारण व्यवस्था की नियमित निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो।

अभियान के दौरान पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए अब तक 5,014 अवशिष्ट क्लोरीनीकरण परीक्षण किए गए हैं। इसके अलावा 670 जैविक परीक्षण और 327 रासायनिक परीक्षण भी किए जा चुके हैं। इन जांचों के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जा रही है।

रेलवे परिसरों में स्थित सभी ऊपरी और भूमिगत जल टैंकों को उचित रूप से ढका हुआ रखने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि बाहरी गंदगी और दूषित पदार्थ पानी में प्रवेश न कर सकें। इसके साथ ही खुले एवं अन्य जल स्रोतों को लोहे की जाली या जालियों से ढकने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे जल स्रोतों को प्रदूषण से सुरक्षित रखा जा सके।

उत्तर पश्चिम रेलवे का यह विशेष अभियान जल स्रोतों की स्वच्छता, जल गुणवत्ता की नियमित जांच और सुरक्षित भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। अभियान के माध्यम से यात्रियों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ रेलवे परिसरों में बेहतर स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।