Chandauli News:मेहनत से गढ़ रहे भविष्य, ज्ञान की लौ से पीढ़ियां रोशन करने वालों को मिला ‘शिक्षा रत्न सम्मान’ चकिया में 26 शिक्षक-शिक्षिकाएं सम्मानित, शिक्षा के बदलते स्वरूप पर हुआ सार्थक मंथन

आधुनिक शिक्षा की चुनौतियों, तकनीक और नवाचार पर हुई चर्चा; वक्ताओं ने शिक्षक को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय

चकिया। शिक्षक दिवस के अवसर पर सोमवार को आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के सभागार में पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन, उत्तर प्रदेश की ओर से ?शिक्षा रत्न सम्मान-2026? समारोह का आयोजन किया गया। दोपहर एक बजे आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 26 शिक्षक-शिक्षिकाओं और शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। समारोह में बदलती शिक्षा व्यवस्था, तकनीकी दौर में शिक्षकों की भूमिका, विद्यार्थियों के सामने उभरती चुनौतियों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, अतिविशिष्ट अतिथि संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) वाराणसी मंडल दिनेश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव सहित अन्य अतिथियों ने प्रथम उपराष्ट्रपति और मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया।मुख्य अतिथि विधायक कैलाश आचार्य ने कहा कि शिक्षक की जिम्मेदारी सिर्फ कक्षा में पाठ पढ़ाने तक सीमित नहीं है। शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को आकार देकर उन्हें समाज और देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार बदलाव हो रहा है। ऐसे में शिक्षकों को नई तकनीक और बदलते शैक्षणिक परिवेश के साथ कदमताल करना होगा।संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) वाराणसी मंडल दिनेश सिंह ने कहा कि आज शिक्षा का दायरा तेजी से बदल रहा है। तकनीक ने शिक्षण प्रक्रिया को नई दिशा दी है। शिक्षकों के लिए जरूरी है कि वे नई तकनीकों, शिक्षण विधियों और नवाचारों से खुद को जोड़ें। इससे विद्यार्थियों को बदलती प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ, वाराणसी के पत्रकारिता संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री अथवा नौकरी हासिल करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा व्यक्ति के विचार, व्यवहार और चरित्र का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, नैतिकता, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करें।संगोष्ठी को संबोधित करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास की शुरुआत शिक्षा से होती है। शिक्षित और संस्कारवान युवा ही समाज को सही दिशा दे सकते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने शिक्षकों से शिक्षण की गुणवत्ता को प्राथमिकता देने और कक्षा-कक्ष में नए प्रयोगों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. नागेंद्र कुमार ने अतिथियों और सम्मानित होने वाले शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में शिक्षा और ज्ञान की परंपरा का सम्मान है। उन्होंने आयोजन के लिए पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन के प्रति आभार जताया।

*26 शिक्षकों को मिला ?शिक्षा रत्न सम्मान?*
चकिया।समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों सहित 26 शिक्षक-शिक्षिकाओं और शिक्षाविदों को ?शिक्षा रत्न सम्मान-2026? प्रदान किया गया। सम्मान पाने वालों में उषा सिंह, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. रमाकांत, डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, हरिचरण राम, डॉ. नागेंद्र कुमार, श्रीमती उषा, संतोष कुमार यादव, पूनम कुमारी, अनुराधा कुमारी, विवेकानंद त्रिपाठी, ओम प्रकाश सिंह, सरोज, राजेश यादव, विकास यादव, ज्ञानी ओमप्रकाश, देवन्त प्रसाद, अनामिका सिंह, छाया यादव, कृष्ण नंदन मिश्रा, सतीश कुमार सिंह, इरफान अली मंसूरी, राब्या उजमा, आलोक कुमार सिंह, कुमारी वंदना एवं श्रीमती दुर्गेश्वरी सिंह शामिल रहीं।

*समारोह में दिखी शिक्षा जगत की भागीदारी*
सम्मान समारोह में शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में भाजपा जिला कोषाध्यक्ष कैलाश आचार्य, आबकारी निरीक्षक रामकृष्ण, समाजसेवी प्रदीप गुप्ता, शीतला केशरी, शिवतरन गुप्ता, विजयानंद द्विवेदी, अशोक द्विवेदी, कोषाध्यक्ष अमरदीप, प्रबंधक प्रशांत कुमार, कार्तिकेय पाण्डेय, शिक्षक इमरान अली, रीता पांडेय, विवेक सिंह, ओम प्रकाश भारती, चंद्रभान मौर्य, भूपेंद्र यादव, महेंद्र यादव, गंगाधर गोपाल, नरेंद्र यादव, रोहित सोनकर, दिवाकर सिंह सहित मिथिलेश, उमाशंकर, विष्णु देवा तथा बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का उत्साहवर्धन करने के साथ शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों पर संवाद का मंच उपलब्ध कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि तकनीक और आधुनिक संसाधनों के विस्तार के बावजूद शिक्षक की भूमिका कम नहीं हुई है, बल्कि विद्यार्थियों को सही दिशा देने की जिम्मेदारी और बढ़ी है। समारोह में शिक्षकों के सम्मान के साथ शिक्षा को समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला बनाने का संदेश भी दिया गया।