Chandauli News:बैनर से गायब चेयरमैन की तस्वीर, मंच छोड़ भीड़ में नजर आए गौरव श्रीवास्तव चकिया में रावण दहन और भरत मिलाप के आयोजन के बीच बदला-बदला दिखा नजारा, चेयरमैन की गैरमौजूदगी और बदली भूमिका को लेकà¤

 

चकिया। नगर में मां काली मंदिर पोखरे पर आयोजित रावण दहन और भरत मिलाप कार्यक्रम के दौरान इस बार एक अलग ही नजारा देखने को मिला। हर साल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने और मंच पर प्रमुखता से नजर आने वाले नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव की तस्वीर इस बार आयोजन से जुड़े बैनर और पोस्टर से गायब दिखाई दी। इतना ही नहीं, रावण दहन के दौरान भी वह मंच पर नजर आने के बजाय अपने बेटे के साथ आम लोगों की भीड़ में खड़े होकर कार्यक्रम देखते दिखाई दिए। उनकी बदली हुई भूमिका को लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

मां काली मंदिर पोखरे पर विजयदशमी के अवसर पर होने वाला रावण दहन और भरत मिलाप का कार्यक्रम चकिया की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है। इस आयोजन में नगर के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की सहभागिता रहती है। पूर्व के वर्षों में नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव की सक्रियता और मंच पर उनकी मौजूदगी भी चर्चा में रहती थी। लेकिन इस बार आयोजन से जुड़े बैनर और पोस्टर पर उनकी तस्वीर दिखाई नहीं देने से लोगों का ध्यान इस ओर गया।

मंगलवार की देर रात 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। राम-रावण युद्ध के मंचन को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान विधायक कैलाश खरवार समेत कई प्रमुख लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। वहीं, चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव अपने बेटे के साथ आम दर्शकों के बीच खड़े होकर रावण दहन देखते नजर आए। पिछले वर्षों में मंच पर प्रमुखता से दिखाई देने वाले चेयरमैन का इस बार भीड़ के बीच मौजूद रहना लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया।

तस्वीर गायब, बदली भूमिका और सियासी चर्चाएं

आयोजन के बैनर से तस्वीर गायब होने और मंच के बजाय आम लोगों के बीच नजर आने की दोनों बातों को लोग स्थानीय राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं। नगर में इस बात की भी चर्चा रही कि क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक वजह है या फिर यह महज संयोग है। हालांकि, इन चर्चाओं के पीछे की वास्तविक वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। न ही किसी राजनीतिक मतभेद की आधिकारिक पुष्टि हुई है।

इस संबंध में गौरव श्रीवास्तव से सवाल किए जाने पर उन्होंने मामले को राजनीतिक रंग देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहते। ऐसे में फिलहाल इस घटनाक्रम को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर विराम लगाने वाली कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है।

विजयदशमी के उल्लास और रावण दहन के बीच चेयरमैन की तस्वीर का बैनर से गायब होना और उनका आम लोगों के बीच खड़े होकर कार्यक्रम देखना चकिया में चर्चा का विषय बना रहा। अब लोगों की निगाह इस बात पर है कि आने वाले आयोजनों में उनकी भूमिका पहले की तरह नजर आती है या इस बार दिखाई दिया बदला हुआ नजारा आगे भी बरकरार रहता है।