Chandauli News:डायल 112 के सामने बहू की पिटाई का आरोप, सास-ससुर ने पड़ोसी दंपती को बुलाकर पिटवाया! सीआरपीएफ में पति की नौकरी लगने के बाद बिगड़े रिश्ते, दो बेटों और बेटी को लेकर न्याय के लिए भटक रही महिला; मि

 

चकिया। सीआरपीएफ में पति की नौकरी लगने के बाद वैवाहिक रिश्तों में खटास और ससुराल में कथित प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने अपने सास-ससुर पर मारपीट कराने का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि डायल 112 की पुलिस की मौजूदगी में भी उसके साथ मारपीट की गई, लेकिन उसे तत्काल राहत नहीं मिल सकी। महिला का आरोप है कि सास-ससुर ने पड़ोस में रहने वाले राजेश और उसकी पत्नी सुगिया को बुलाकर भी उसके साथ मारपीट कराई। अब दो बेटों और एक बेटी के भविष्य की चिंता में घिरी पीड़िता न्याय के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रही है।

पीड़िता की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, चकिया कोतवाली क्षेत्र में 18 अक्टूबर 2026 को उसके साथ मारपीट की घटना हुई। महिला ने अपने ससुर रामानंद मौर्य और सास सुरसती देवी पर प्रताड़ित करने तथा पड़ोसी राजेश और उसकी पत्नी सुगिया को बुलाकर मारपीट कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, घटना के दौरान उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसे धमकाया भी गया। उसने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।

पुलिस की मौजूदगी में मारपीट का आरोप, फिर भी न्याय की आस

मामले में सबसे गंभीर आरोप डायल 112 की पुलिस की भूमिका को लेकर है। पीड़िता का कहना है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी और उसकी मौजूदगी में ही उसके साथ मारपीट की गई। इसके बावजूद उसे तत्काल सुरक्षा नहीं मिल सकी। महिला के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह आपातकालीन पुलिस सेवा की कार्यप्रणाली और मौके पर महिला को सुरक्षा उपलब्ध कराने के दायित्व को लेकर गंभीर सवाल खड़े करेगा।

पति की नौकरी के बाद बढ़ी दूरी, तीन बच्चों के भविष्य की चिंता

पीड़िता का आरोप है कि पति के सीआरपीएफ में नौकरी लगने के बाद से ही उसके व्यवहार में बदलाव आने लगा और उसने पत्नी से दूरी बनानी शुरू कर दी। महिला अब दो बेटों और एक बेटी के साथ अपने भविष्य को लेकर परेशान है। उसका कहना है कि ससुराल में कथित प्रताड़ना के कारण उसे भय और असुरक्षा के बीच जीवन बिताना पड़ रहा है। न्याय की उम्मीद में वह लगातार विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों का दरवाजा खटखटा रही है।

राजेश के दबंग होने का भी आरोप

पीड़िता ने पड़ोसी राजेश पर दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति होने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि राजेश को पुलिस का भय नहीं रहता। हालांकि, राजेश के आपराधिक इतिहास या उसके खिलाफ दर्ज मामलों के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो।

मिशन शक्ति के बीच घरेलू प्रताड़ना का सवाल

पुलिस प्रशासन मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहा है। महिलाओं को उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने और पुलिस से मदद लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ऐसे में एक महिला द्वारा अपने ही ससुराल में प्रताड़ना और पुलिस की मौजूदगी में मारपीट के आरोप लगाया जाना व्यवस्था के सामने गंभीर सवाल खड़ा करता है।

जांच के बाद दर्ज होगा मुकदमा

इस संबंध में चकिया कोतवाली प्रभारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की तरफ से तहरीर प्राप्त कर ली गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पीड़िता ने सास-ससुर और अन्य आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई, अपनी सुरक्षा तथा बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।