डिप्टी रेंजर को निलंबित कर रेंजर को बचा रहा है विभाग ,जाँच टीम में लोगो के दिये बयान हो रहा वायरल

पसान✅रानीअतारी विजय वेस्ट कोयला खदान के समानांतर चल रही कोयला तस्करों की अवैध खदान ✅ वन विभाग ने डिप्टी रेंजर एवम बीट गार्ड के ऊपर की कार्यवाही   ✅वन विभाग ने कार्यवाही का आधार लोगो के दिए गए बयान को बताया जा रहा है  ✅ परंतु लोगो ने अपने बयानों में पसान वन परीक्षेत्र अधिकारी रामनिवास दहायत का नाम लिया पर विभाग उनपर मेहरबान क्यो
      कोरबा जिले के अंतिम छोर में संचालित होने वाली चिरमिरी क्षेत्र की रानीअतारी विजय वेस्ट कोयला खदान के समानांतर कोयला तस्करों ने अपनी  निजी कोयला खदान का संचालन जोर शोर से किया जा रहा था उनके द्वारा कक्ष क्रमांक पी 198 में जंगलों का सीना चीर कर काले हीरे की चोरी बड़े पैमाने पर की जा रही थी   ✅✅  सूत्रों की माने तो पसान वन परीक्षेत्र अधिकारी रामनिवास दहायत को इसकी सूचना दी गई थी परंतु इतना अहम सुराग के बावजूद किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं करना प्रश्नचिन्ह पैदा कर रहा था
                यह खबर लगते ही डीएफओ कटघोरा प्रेमलता यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित कर जंगल में दबिश दी एवं 620 बोरी  अवैध कोयला जप्त किया  एवं दूसरे दिन ग्रामीणों एवं कर्मचारियों के बयानों के आधार मानकर डिप्टी रेंजर , बीट गार्ड को निलंबित किया ,और  इस पूरे मामले में कार्य में लापरवाही बरतने वाले रेंजर रामनिवास दहायत को अभय दान दे दिया 
             अब मीडिया में सरपंच प्रतिनिधि चंद्रप्रताप समेत ग्रामीणों के बयान वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर रेंजर को भी सूचना देने की बात कही  ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिरकार रेंजर को पूरे मामले में अभय दान क्यो दिया गया ,

         अब ग्रामीण हो रहे है लामबंद करेंगे उच्च स्तर पर शिकायत  आखिर रेंजर निर्दोष कैसे  ,

     क्या विभाग अपनी इससे ज्यादा फजीहत नही कराना चाहती