18.15 करोड़ से बदलेगी फलोदी रेलवे स्टेशन की तस्वीर, मारवाड़ की कला का दिखेगा संगम

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा करीब 18.15 करोड़ रुपये की लागत से फलोदी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। सोमवार, 28 सितंबर 2026 को विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकारों और प्रतिनिधियों के दल ने स्टेशन का दौरा कर यहां चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया।

दौरे के दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने मीडिया प्रतिनिधियों को स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास और आधुनिकीकरण कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्टेशन के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे के उन्नयन का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्यों को अंतिम चरण में तेजी से पूरा किया जा रहा है।

फलोदी स्टेशन के नए स्वरूप की सबसे खास बात इसमें मारवाड़ की पारंपरिक स्थापत्य कला और संस्कृति की झलक होगी। स्टेशन भवन को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यहां आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव मिल सके।

यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं। विशाल सर्कुलेटिंग एरिया के साथ पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक सुरक्षित आवागमन के लिए 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज तैयार किया गया है।

स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया प्रतीक्षालय, वीआईपी कक्ष और डोरमेट्री का निर्माण भी किया गया है। इसके अलावा एलईडी लाइटिंग, आधुनिक कोच डिस्प्ले बोर्ड, डिजिटल सूचना डिस्प्ले बोर्ड और बेहतर संकेतक लगाए जा रहे हैं।

दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष रैंप और दिव्यांग-अनुकूल शौचालय भी बनाए गए हैं। रेलवे के अनुसार, पुनर्विकसित फलोदी स्टेशन यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

फलोदी स्टेशन का यह नया स्वरूप मरुधरा की कला और आधुनिक रेलवे सुविधाओं के संगम के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर यात्री सुविधाएं मिलने के साथ फलोदी के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।