आपने नहीं देखा होगा ऐसा ग्राम प्रधान, आरसीसी सड़क बनवाने के बाद खुद कर रहे तराई विकास के प्रति समर्पण की मिसाल बने रामपुर कलां के डॉ. केशवमूर्ति सिंह गांव में गली-नाली, सामुदायिक शौचालय और पंच

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चंदौली जनपद के पहले पीएचडी धारक ग्राम प्रधान होने का गौरव, विकास कार्यों में रहते हैं सदैव सक्रिय

चकिया। गांव के विकास की जिम्मेदारी संभालने वाले जनप्रतिनिधि अक्सर निर्माण कार्यों की निगरानी करते नजर आते हैं, लेकिन चकिया विकासखंड के रामपुर कलां ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान डॉ. केशवमूर्ति सिंह की कार्यशैली कुछ अलग है। गांव में आरसीसी सड़क का निर्माण कराने के बाद खुद पाइप लेकर उसकी तराई करने में जुट जाना उनके समर्पण और जिम्मेदारी की अनूठी मिसाल पेश करता है। उनके इस अंदाज की क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।

रामपुर कलां ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान डॉ. केशवमूर्ति सिंह गांव के विकास कार्यों को लेकर हमेशा सक्रिय रहते हैं। उनका प्रयास है कि गांव में होने वाले निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसी सोच के साथ उन्होंने ग्राम पंचायत में गली-नाली निर्माण के साथ सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन का निर्माण भी कराया है।

गांव में आरसीसी सड़क निर्माण के दौरान उनकी सक्रियता देखते ही बनती है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जहां सामान्य तौर पर तराई की जिम्मेदारी मजदूरों या संबंधित कर्मचारियों की होती है, वहीं डॉ. केशवमूर्ति सिंह स्वयं पाइप लेकर सड़क की तराई करते नजर आते हैं। उनका मानना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उसकी देखरेख बेहद जरूरी है। सड़क की नियमित तराई से उसकी मजबूती और टिकाऊपन बनाए रखने में मदद मिलती है।

ग्राम प्रधान की इस कार्यशैली से ग्रामीणों में भी विकास कार्यों को लेकर सकारात्मक संदेश जा रहा है। गांव की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए उनकी सक्रियता लगातार बनी रहती है। सड़क, नाली और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्यों में उनकी व्यक्तिगत रुचि उन्हें क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों से अलग पहचान दिलाती है।

चंदौली के पहले पीएचडी धारक ग्राम प्रधान

डॉ. केशवमूर्ति सिंह की एक और खास पहचान है। उन्हें चंदौली जनपद का पहला पीएचडी धारक ग्राम प्रधान बताया जाता है। उच्च शिक्षा प्राप्त होने के बावजूद गांव की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए जमीन पर उतरकर काम करना उनकी कार्यशैली को खास बनाता है। उनका प्रयास है कि गांव का विकास केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचे।