जातिगत अपमान पर क्षत्रिय करणी सेना का शंखनाद! एसपी कार्यालय पहुंचकर दी चेतावनी, कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ेगा आक्रोश!

जातिगत अपमान पर क्षत्रिय करणी सेना का शंखनाद! एसपी कार्यालय पहुंचकर दी चेतावनी, कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ेगा आक्रोश!

आपसी विवाद में पूरे ठाकुर-ब्राह्मण समाज को घसीटने का आरोप, टड़ियावां की जनसभा में कथित जातिसूचक टिप्पणी से भड़का आक्रोश

#हरदोई

आपसी लड़ाई किसी की और निशाने पर पूरा समाज! सुरसा थाना क्षेत्र निवासी रितेश पासी और सूरज पासी के बीच हुए आपसी विवाद को लेकर टड़ियावां में आयोजित जनसभा के दौरान रितेश पासी द्वारा कथित तौर पर सर्व ठाकुर एवं ब्राह्मण समाज के लिए जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का सार्वजनिक मंच से इस्तेमाल किए जाने का मामला गरमा गया है। इस कथित टिप्पणी को दोनों समाजों के सम्मान पर चोट बताते हुए क्षत्रिय करणी सेना ने अब प्रशासन के दरवाजे पर दस्तक दी है।

जिला अध्यक्ष राजा ठाकुर जरौआ के नेतृत्व में एसपी कार्यालय पहुंचे पदाधिकारी

क्षत्रिय करणी सेना हरदोई के जिला अध्यक्ष राजा ठाकुर जरौआ अपने संगठन के पदाधिकारियों एवं साथियों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां हरदोई शहर क्षेत्राधिकारी और क्षेत्राधिकारी हरियांवां को अलग-अलग शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले में शीघ्र निष्पक्ष जांच एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।

गंभीर धाराओं में मुकदमा और सार्वजनिक माफी की मांग

संगठन ने मांग की कि कथित जातिसूचक टिप्पणी की निष्पक्ष जांच कराकर आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून की सुसंगत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही रितेश पासी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का वीडियो जारी करवाने की मांग भी रखी गई, जिससे दोनों समाजों के बीच किसी प्रकार का तनाव अथवा सामाजिक वैमनस्य न पनपे।

प्रशासन के सामने बड़ा सवाल_समाज का सम्मान सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?

आखिर व्यक्तिगत विवाद में पूरे समाज को अपमानित करने की नौबत क्यों आई? सार्वजनिक मंच क्या किसी समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने का माध्यम बनेंगे? अब पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वीडियो एवं शिकायत की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाए और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के मुताबिक कार्रवाई करे।

क्षत्रिय करणी सेना का संदेश साफ है_व्यक्तिगत लड़ाई को जातिगत लड़ाई में बदलने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। कानून का राज कायम रहे और सभी समाजों का सम्मान सुरक्षित रहे।

इस दौरान रमाकांत मिश्रा, देवेंद्र सिंह, लक्ष्मीकांत द्विवेदी, उर्वेश सिंह, करनवीर सिंह, अभय सिंह एवं योगेंद्र सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं_शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होगी या मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?

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