जम्मू मंडल में 1 नवंबर से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0, रेलवे पेंशनरों के लिए लगेंगे विशेष शिविर

जम्मू मंडल में 1 नवंबर से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0, रेलवे पेंशनरों के लिए लगेंगे विशेष शिविर

जम्मू, पठानकोट, पालमपुर, उधमपुर और बडगाम में मिलेगी सुविधा, फेस ऑथेंटिकेशन से घर बैठे भी जमा कर सकेंगे जीवन प्रमाण पत्र

जम्मू। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों और पेंशनरों की सुविधा के लिए राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान 5.0 शुरू किया जा रहा है। यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसके तहत मंडल के विभिन्न स्थानों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में सहायता प्रदान की जाएगी।

रेलवे बोर्ड और उत्तर रेलवे मुख्यालय के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान का उद्देश्य पेंशनरों को सरल और सुविधाजनक तरीके से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए शिविरों में सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जहां तैनात कर्मचारी पेंशनरों को आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन देंगे।

इन स्थानों पर लगेंगे विशेष शिविर

रेलवे प्रशासन के अनुसार जम्मू में 2 से 5 नवंबर तक वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी कार्यालय, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय की एनेक्सी बिल्डिंग, त्रिकुटा नगर में शिविर लगाया जाएगा। पठानकोट में 10 से 13 नवंबर तक शिविर आयोजित होगा, जहां सीजीए अदालत के साथ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा भी मिलेगी।

इसी क्रम में पालमपुर में 16 से 22 नवंबर, उधमपुर में 23 और 24 नवंबर तथा बडगाम में 2 से 5 नवंबर और फिर 26 से 27 नवंबर तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे।

फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से मिलेगी सहायता

इन शिविरों में कल्याण निरीक्षक, वरिष्ठ लिपिक और कार्मिक शाखा के कर्मचारी तैनात रहेंगे। वे पेंशनरों को आधुनिक फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया समझाएंगे। इसके साथ ही घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के तरीके की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे बुजुर्ग और अन्य जरूरतमंद पेंशनरों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल सके।

पेंशनरों से अभियान का लाभ उठाने की अपील

रेलवे प्रशासन ने सभी सेवानिवृत्त रेलवे पेंशनरों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी शिविर में पहुंचकर निर्धारित समय के भीतर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करें। इससे उनकी पेंशन का भुगतान सुचारू रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी। इस पहल के माध्यम से रेलवे प्रशासन पेंशनरों को तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में प्रयास कर रहा है।