झड़वासा–सिंघावल दोहरीकृत रेलखंड का सफल स्पीड ट्रायल, 130 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार

झड़वासा?सिंघावल दोहरीकृत रेलखंड का सफल स्पीड ट्रायल, 130 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार

अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में झड़वासा?सिंघावल के बीच दोहरीकरण का कार्य पूरा होने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त पश्चिमी परिमंडल ई. श्रीनिवास ने नवनिर्मित रेलखंड का गहन संरक्षा निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद सीआरएस स्पेशल ट्रेन से सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया, जिसमें ट्रेन ने 125 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल की।

निरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत सिंघावल स्टेशन पर पूजा-अर्चना और पौधारोपण के साथ हुई। इसके बाद निरीक्षण दल ने करीब 19.57 किलोमीटर लंबे रेलखंड का मोटर ट्रॉली और पैदल चलकर बारीकी से निरीक्षण किया। इसमें झड़वासा, बांदनवाड़ा और सिंघावल स्टेशनों के बीच ट्रैक, पॉइंट एवं क्रॉसिंग, कर्व, रेल पुल, सिग्नलिंग और विद्युतीकरण व्यवस्था की जांच की गई।

अधिकारियों ने तीनों स्टेशनों पर परिचालन व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और संरक्षा उपकरणों की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इसके बाद झड़वासा से सिंघावल के बीच सीआरएस स्पेशल ट्रेन से स्पीड ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान ट्रैक की स्थिरता और ट्रेन की सवारी गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई।

इस दौरान उप रेल संरक्षा आयुक्त देव प्रकाश चौहान, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण विवेक सक्सेना, मंडल रेल प्रबंधक अजमेर राजू भूतड़ा, मुख्य इंजीनियर निर्माण संदीप जैन, मुख्य इंजीनियर शिवचरण मीना, मुख्य विद्युत इंजीनियर निर्माण विशंभर दयाल, मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर निर्माण दीपक वर्मा और उप मुख्य इंजीनियर नीरज कुमार सहित मंडल एवं निर्माण संगठन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

रेल संरक्षा आयुक्त से औपचारिक प्राधिकार और संरक्षा प्रमाणपत्र मिलने के बाद इस दोहरीकृत रेलखंड पर नियमित ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा। दोहरीकरण से इस मार्ग की ट्रेन संचालन क्षमता बढ़ने के साथ ट्रेनों की गतिशीलता और समयबद्धता में भी सुधार होने की उम्मीद है।