सगा समाज की बैठक को लेकर गोंड महासभा ने किया आगाह

आलापुर, अंबेडकरनगर। समाज को संगठित करने के बजाय समाज का सौदा करने वाले कुछ लोग आगामी 9 अक्टूबर को अंबेडकरनगर में सगा समाज की बैठक बुला रहे हैं। गाना-बजाना और मनोरंजन के माध्यम से विभिन्न राजनीतिक दलों एवं संगठनों के मंचों पर कला प्रदर्शन करने वाले लोगों से समाज को सावधान रहने की जरूरत है। यह बात अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार गोंड ने वीरांगना महारानी दुर्गावती के जन्मदिवस पर आयोजित समारोह में गोंड-धुरिया परिवार के लोगों को संबोधित करते हुए कही।

गौरतलब है कि बीते 5 अक्टूबर को ग्राम पंचायत हरदिहा के उमरी जलाल में अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा की ओर से वीरांगना महारानी दुर्गावती का जन्मदिवस श्रद्धासुमन अर्पित कर मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों धुरिया परिवार के लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान कुछ धुरिया परिवार के लोगों ने प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार गोंड से जानकारी दी कि कुछ लोग गांव-गांव जाकर 9 अक्टूबर को अंबेडकरनगर में होने वाली सगा समाज की बैठक में शामिल होने के लिए प्रचार कर रहे हैं। इस पर अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री रामलगन गोंड एडवोकेट और प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार गोंड ने संयुक्त रूप से इसका खंडन किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि समाज को संगठित करने का दावा करने वाले कुछ लोग पिछले कई वर्षों से समाज को गुमराह कर रहे हैं। उनके अनुसार, अंबेडकरनगर में धुरिया परिवार की बैठक के नाम पर कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सगा समाज से ऐसे लोगों से सावधान रहने की अपील की।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न दलों और संगठनों के लिए समाज को संगठित करने के नाम पर स्वघोषित कार्यक्रमों में धुरिया परिवार को बुलाकर राजनीतिक हित साधने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि गांव-गांव जाकर धुरिया परिवार को संगठित करने का प्रचार करने वाले लोग न तो किसी सामाजिक संगठन से जुड़े हैं और न ही किसी गोंड-धुरिया संगठन का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर को अंबेडकरनगर में विभिन्न दलों एवं संगठनों की ओर से मान्यवर कांशीराम की जयंती का समारोह आयोजित किया गया है। उन्होंने धुरिया परिवार से आह्वान किया कि समाज को एक मंच और एक संगठन के तहत संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़नी चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले करीब दस वर्षों से अलग-अलग संगठनों और राजनीतिक दलों के मंचों पर गाना-बजाना तथा कला प्रदर्शन कर समाज को गुमराह करने वाले स्वार्थी तत्वों ने धुरिया परिवार की आवाज और अधिकारों की लड़ाई को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल और संगठन भीड़ जुटाने के लिए ऐसे कलाकारों का उपयोग करते हैं और आर्थिक सहयोग के माध्यम से समाज एवं संगठनों को अलग-अलग दिशाओं में भटकाकर अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं। ऐसे तत्वों और समूहों से समाज को सावधान रहने की जरूरत है।

इस दौरान अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लालमणि गोंड, सह मीडिया प्रभारी रामू सिंह गोंड, महारानी दुर्गावती सेवा सदन की कंचन देवी, डॉ. अनिल कुमार गोंड, लक्ष्मीकांत गोंड, बलिराम गोंड, अमरदीप गोंड, शशांकमणि गोंड, भेजूराम गोंड, गणेश गोंड, अमरनाथ गोंड, विनीता, ज्ञानमती, राम आशीष गोंड, विशाल गोंड, राकेश कुमार गोंड, हरिश्याम गोंड, रामबचन गोंड और भीम प्रसाद गोंड आजमगढ़ सहित सैकड़ों गोंड-धुरिया परिवार के लोग मौजूद रहे।