उत्तर मध्य रेलवे की पहल: 388 संविदा श्रमिकों के बने आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत सहारा

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने अपने कार्यबल से जुड़े पात्र संविदा श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के निर्देश पर उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में अब तक 388 संविदा श्रमिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का अभियान लगातार जारी है।

इस अभियान के तहत प्रयागराज मंडल में 145, झांसी मंडल में 140 और आगरा मंडल में 103, कुल 388 संविदा श्रमिकों को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। रेलवे प्रशासन का प्रयास है कि निर्धारित पात्रता रखने वाले अधिक से अधिक संविदा श्रमिकों और उनके परिवारों तक स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ पहुंचाया जा सके।

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना पात्र परिवारों के लिए उपचार के साथ आर्थिक सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध हो सकता है। सूचीबद्ध अस्पतालों में पात्र लाभार्थी निर्धारित उपचार सुविधाओं का लाभ नकदरहित और कागजरहित तरीके से प्राप्त कर सकते हैं।

उत्तर मध्य रेलवे की यह पहल केवल आयुष्मान कार्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जरूरत के समय संविदा श्रमिकों और उनके पात्र परिवारजनों को स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा उपलब्ध कराना है। रेलवे के विभिन्न कार्यों में संविदा श्रमिक मेहनत और समर्पण के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बीमारी, दुर्घटना या अस्पताल में भर्ती होने जैसी परिस्थितियों में उनके परिवारों को उपचार संबंधी आर्थिक चिंता से राहत दिलाने की दिशा में यह कदम काफी महत्वपूर्ण है।

बीमारी के समय उपचार का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में आयुष्मान योजना के तहत उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएं पात्र परिवारों को गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आर्थिक दबाव कम करने में मदद कर सकती हैं। योजना के तहत पात्रता और निर्धारित पैकेज के अनुसार विभिन्न उपचार सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाता है।

रेलवे प्रशासन द्वारा पात्र संविदा श्रमिकों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने का कार्य लगातार किया जा रहा है। पात्रता की पुष्टि के बाद आयुष्मान कार्ड तैयार किए जा रहे हैं, ताकि लाभार्थी आवश्यकता पड़ने पर योजना के अंतर्गत उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

उत्तर मध्य रेलवे की यह पहल स्वस्थ परिवार, सुरक्षित परिवार और सशक्त कार्यबल की भावना को मजबूत करती है। 388 संविदा श्रमिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के बाद भी पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का अभियान जारी रहेगा, जिससे अधिक से अधिक श्रमिक परिवारों तक स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ पहुंचाया जा सके।