हिंदी को सरकारी कामकाज की मूल भाषा बनाने का संकल्प, उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़ा शुरू

प्रयागराज। हिंदी दिवस के अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में सोमवार को राजभाषा पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया। महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनकी अध्यक्षता में क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक भी आयोजित हुई।

बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने कहा कि हिंदी दिवस हम सभी के लिए राष्ट्रीय पर्व की तरह है। वर्ष 1949 में इसी दिन संविधान सभा ने हिंदी को संघ सरकार की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि हिंदी ने अपने लगभग एक हजार वर्ष के इतिहास में देश की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ ही राष्ट्रीय चेतना, नवजागरण और राष्ट्रीय आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

महाप्रबंधक ने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से हिंदीभाषी क्षेत्र है। ऐसे में सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग और प्रसार को बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी और नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से हिंदी को प्रगति और विकास की मूल भाषा बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

उन्होंने निर्देश दिए कि राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के अनुपालन के साथ पत्राचार, टिप्पणियों, विभागीय बैठकों की कार्यवाही और निरीक्षण रिपोर्टों सहित निर्धारित कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। सभी संरक्षा निर्देश एवं विभागीय कार्यनिर्देश हिंदी-अंग्रेजी द्विभाषी अथवा हिंदी में जारी किए जाएं और उनकी भाषा सरल, स्पष्ट एवं सुबोध हो।

महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे में दस्तावेजों को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में सभी अधिकारी और कर्मचारी हिंदी टंकण का आवश्यक ज्ञान प्राप्त कर अधिक से अधिक कार्य हिंदी में करें। उन्होंने राजभाषा के प्रयोग को बढ़ाने के लिए नियमित कार्यों के साथ मौलिक और अभिनव प्रयास करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने यात्रियों और ग्राहकों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए स्टेशनों एवं अन्य यात्री सुविधा स्थलों पर सूचनाओं, संकेतकों, इलेक्ट्रॉनिक सूचनाओं, नाम-पदनाम पट्टिकाओं और रसीदों आदि में नियमानुसार हिंदी-अंग्रेजी के प्रयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक ने मुख्यालय की त्रैमासिक राजभाषा पत्रिका ?रेल संगम? के झांसी मंडल विशेषांक का विमोचन भी किया। वैगन मरम्मत कारखाना, झांसी के मुख्य कारखाना प्रबंधक अजय श्रीवास्तव ने कारखाने की गतिविधियों पर प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण दिया, जिसकी महाप्रबंधक और उपस्थित अधिकारियों ने सराहना की।

मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं वरिष्ठ उप महाप्रबंधक विनीत कुमार श्रीवास्तव ने समिति के अध्यक्ष और सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए राजभाषा के प्रयोग-प्रसार के लिए किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने राजभाषा पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए सभी से अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया।

कार्यक्रम में प्रधान विभागाध्यक्षों, मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधकों, कारखानों के मुख्य कारखाना प्रबंधकों समेत वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया, जबकि उप मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं उप वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी/भंडार डॉ. गरिमा त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।