नॉन स्टॉप ट्रेन को रुकवाकर बिछड़े तीन बच्चों को मां से मिलाया

प्रयागराज। प्रयागराज मंडल के रेलकर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से माता-पिता से बिछड़े तीन बच्चों को सुरक्षित उनकी मां से मिलाया गया। बच्चों की तलाश और उन्हें परिवार तक पहुंचाने के लिए नॉन स्टॉप ट्रेन को प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर रुकवाया गया। रेलकर्मियों की इस संवेदनशील पहल की परिवार ने जमकर सराहना की।

जानकारी के अनुसार एक परिवार अपने तीन बच्चों के साथ डीडीयू से मुंबई जाने के लिए गाड़ी संख्या 12321 मुंबई मेल पकड़ने स्टेशन पहुंचा था। इसी दौरान डीडीयू स्टेशन पर तीनों बच्चे गलती से अपने माता-पिता से बिछड़ गए और गाड़ी संख्या 22805 भुवनेश्वर?आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सवार हो गए।

ट्रेन के एस-6 कोच में ड्यूटी पर तैनात मुख्य टिकट निरीक्षक देव प्रकाश वर्मा की नजर रोते-बिलखते बच्चों पर पड़ी। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनके परिवार के बारे में जानकारी ली और तत्काल मंडल कार्यालय के वाणिज्यिक नियंत्रण कक्ष में तैनात मिथिलेश कुमार को इसकी सूचना दी।

मिथिलेश कुमार ने बिना देरी किए संबंधित अधिकारियों और प्रयागराज छिवकी के रेलकर्मियों को जानकारी दी। इसके बाद आपसी समन्वय से गाड़ी संख्या 22805 को प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर रुकवाने की व्यवस्था की गई। खास बात यह रही कि इस ट्रेन का प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर नियमित ठहराव नहीं है।

रेलवे प्रशासन की ओर से आवश्यक समन्वय के बाद मुंबई मेल के प्रयागराज छिवकी स्टेशन पहुंचने पर तीनों बच्चों को सुरक्षित उनकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। परिवार आंध्र प्रदेश का रहने वाला बताया गया है और काशी दर्शन के लिए आया था।

बच्चों के सकुशल मिलने पर परिवार ने रेलवे प्रशासन और रेलकर्मियों का आभार जताया। मुख्य टिकट निरीक्षक देव प्रकाश वर्मा और वाणिज्यिक नियंत्रण कक्ष में तैनात मिथिलेश कुमार की सतर्कता और तत्परता ने मानवीय संवेदनशीलता और टीमवर्क की मिसाल पेश की। रेलवे प्रशासन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, सहायता और सुविधा के लिए रेलकर्मी सदैव तत्पर हैं।