कश्मीरी सेब की रेल ढुलाई को मिलेगी रफ्तार, जम्मू मंडल ने बागवानी विभाग और कारोबारियों के साथ की अहम बैठक

जम्मू। आगामी सेब सीजन 2026 में कश्मीर के सेब को देश की प्रमुख फल मंडियों तक सुरक्षित, समयबद्ध और किफायती तरीके से पहुंचाने के लिए रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को श्रीनगर में रेलवे अधिकारियों ने निदेशक बागवानी, फल उत्पादकों, किसानों, एग्रीगेटर्स और सेब व्यापारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

बैठक में अनंतनाग और पांपोर गुड्स शेड से सेब की ढुलाई तथा बड़गाम से आदर्श नगर दिल्ली तक पार्सल ट्रेन के माध्यम से परिवहन पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता सहित देश की प्रमुख फल मंडियों तक रेल परिवहन की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

पिछले साल 20 हजार टन सेब पहुंचाया

बैठक में बागवानी विभाग और सेब कारोबारियों ने पिछले वर्ष रेलवे की सेवाओं की सराहना की। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के दौरान रेलवे ने कश्मीर के सेब को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जम्मू मंडल ने मालगाड़ियों, पार्सल ट्रेनों, पार्सल वैन और बीसीएन वैगनों के माध्यम से करीब 20 हजार टन सेब का सफल परिवहन किया था।

पहले से देना होगा मांग पत्र

इस वर्ष सेब की अनुमानित मात्रा और परिवहन जरूरतों की जानकारी बागवानी निदेशालय द्वारा एक सप्ताह के भीतर रेलवे को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके आधार पर रेलवे समय रहते पार्सल वैन रेक और बीसीएन वैगनों की व्यवस्था करेगा। रेलवे ने एग्रीगेटर्स और व्यापारियों से अपनी जरूरत के अनुसार अग्रिम मांग पत्र जमा करने की अपील की है, ताकि उन्हें निर्धारित मार्गों पर प्राथमिकता के आधार पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

सड़क के मुकाबले किफायती होगा परिवहन

रेलवे अधिकारियों के अनुसार रेल परिवहन से सेब की प्रति पेटी ढुलाई लागत कम हो सकती है। खराब मौसम, भूस्खलन या राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम जैसी परिस्थितियों में भी रेल मार्ग किसानों और व्यापारियों के लिए भरोसेमंद विकल्प साबित होगा। बड़ी मात्रा में सेब एक साथ भेजे जाने से समय और लागत दोनों की बचत होगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि रेलवे जम्मू-कश्मीर के बागवानी क्षेत्र और किसान भाइयों की समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। रेलवे का लक्ष्य इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में और अधिक सेब का परिवहन करना है। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से अधिक से अधिक संख्या में रेलवे पार्सल सेवा से जुड़ने की अपील की।

बैठक के अंत में सभी एग्रीगेटर्स ने आगामी सेब सीजन में रेलवे के साथ मिलकर कार्य करने पर सहमति जताई।