सहसवान तहसील में निजी व्यक्तियों से सरकारी कार्य कराने के आरोप, व्यवस्था पर उठे सवाल

सहसवान तहसील में निजी व्यक्तियों से सरकारी कार्य कराने के आरोप, व्यवस्था पर उठे सवाल

बदायूं। सहसवान तहसील में राजस्व संबंधी कार्यों को लेकर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, तहसील परिसर में कुछ लेखपालों एवं संबंधित विभागों के कार्यस्थलों पर सरकारी कर्मचारियों के स्थान पर निजी व्यक्तियों द्वारा कार्य किए जाने की चर्चा है। यदि इन आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह सरकारी कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

बताया जा रहा है कि खतौनी, पैमाइश, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आने वाले फरियादियों को कई बार संबंधित कर्मचारी के बजाय निजी व्यक्ति मिलते हैं, जो आवेदन एवं फाइलों का संचालन करते दिखाई देते हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कार्य कराने के नाम पर अवैध धनराशि की मांग भी की जाती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सूत्रों का कहना है कि यदि कोई निजी व्यक्ति सरकारी अभिलेखों, कंप्यूटर अथवा कार्यालयीन कार्यों का संचालन करता पाया जाता है तो यह प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है। राजस्व विभाग के नियमानुसार सरकारी दायित्वों का निर्वहन केवल अधिकृत कर्मचारी ही कर सकते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की व्यवस्था से आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है और पारदर्शी प्रशासन की मंशा प्रभावित होती है। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

जनता की मांग

क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि तहसील में सभी सरकारी कार्य केवल अधिकृत कर्मचारियों द्वारा ही किए जाएं, जिससे आमजन को बिना किसी बिचौलिए के समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।

(नोट: यह समाचार स्थानीय सूत्रों एवं नागरिकों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना शेष है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)