हरियालो राजस्थान अभियान के तहत बिछीवाड़ा में स्काउट-गाइड्स ने निकाली जागरूकता रैली एक पेड़ माँ के नाम के नारों से गूँजा कस्बा, विद्यार्थियों ने ली पौधों के संरक्षण की शपथ

संवाददाता - संतोष व्यास

डूंगरपुर। प्रदेश सरकार के "हरियालो राजस्थान?हरित राजस्थान" अभियान के तहत बिछीवाड़ा कस्बे में पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से सोमवार को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में भारत स्काउट एवं गाइड के बैनर तले विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली गई तथा विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। यह पूरा आयोजन पदेन प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीलाल पाटीदार की अध्यक्षता एवं निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपसरपंच ठाकुर करणी राज सिंह चौहान रहे।

- मुख्य बाजार से गुजरी जागरूकता रैली

मुख्य अतिथि ठाकुर करणी राज सिंह चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। स्काउट सचिव सोहन लाल भगोरा, स्काउट प्रभारी मक्सीराम फलेजा एवं वृक्षारोपण प्रभारी घनश्याम नायक के नेतृत्व में स्काउट-गाइड्स और विद्यार्थियों ने "पौधे लगाओ?पर्यावरण बचाओ", "एक पेड़ माँ के नाम" तथा "वृक्ष हैं तो भविष्य है" जैसे प्रेरक नारों के साथ कस्बे के प्रमुख मार्गों एवं मुख्य बाजारों में पर्यावरण चेतना का संदेश फैलाया।

- छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण

रैली का समापन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में हुआ, जहाँ प्रधानाचार्य गीतिका पंड्या ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के छायादार और फलदार पौधे रोपे तथा उनके निरंतर संरक्षण का संकल्प लिया। वृक्षारोपण हेतु ग्राम पंचायत बिछीवाड़ा के ग्राम विकास अधिकारी हीरालाल अहारी द्वारा निःशुल्क पौधे उपलब्ध करवाए गए, जिसके लिए विद्यालय परिवार और अतिथियों ने उनका आभार प्रकट किया।

- प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में नीलकंठ गौशाला अध्यक्ष गणेशलाल कलाल, अरविंद लबाना एवं महेंद्र जैन उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने संबोधन में प्रत्येक नागरिक से जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ देखभाल करने का आह्वान किया। इस दौरान एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मण लाल खोखरिया, विद्यालय स्टाफ, एनएसएस स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे। यह आयोजन कस्बे में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय पहल साबित हुआ।