छात्रों के संघर्ष की जीत, शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होनी चाहिए : पूर्व मंत्री आबिद रजा

छात्रों के संघर्ष की जीत, शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होनी चाहिए : पूर्व मंत्री आबिद रजा

बदायूँ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री आबिद रजा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देशभर के छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्ष की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम लोकतंत्र की उस ताकत का प्रतीक है, जिसमें जनभावनाओं, छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन और विपक्ष द्वारा उठाई गई आवाज को अंततः स्वीकार करना पड़ा।

आबिद रजा ने कहा कि बीते कई महीनों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक की घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे थे। उनका कहना था कि छात्रों ने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाईं, लेकिन लंबे समय तक उनकी समस्याओं की अनदेखी की गई। अंततः जनदबाव और विपक्ष की सक्रिय भूमिका के चलते सरकार को जवाबदेही स्वीकार करनी पड़ी।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा छात्रों और युवाओं के अधिकारों की आवाज उठाती रही है। पार्टी ने संसद से लेकर सड़क तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने तथा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग लगातार उठाई है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि केवल किसी मंत्री का इस्तीफा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक एवं संरचनात्मक सुधार समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा संचालन प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगे और दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्रों का विश्वास बहाल हो सके।

आबिद रजा ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। यदि परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगते रहेंगे तो प्रतिभाशाली युवाओं का मनोबल प्रभावित होगा। इसलिए सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह छात्रों की मेहनत, प्रतिभा और सपनों की रक्षा सुनिश्चित करे।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में भी छात्रों के हितों की अनदेखी की गई तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से छात्रों के साथ खड़ी होकर उनके अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।

अंत में आबिद रजा ने छात्रों और युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा को राजनीतिक विवादों से ऊपर उठाकर राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाने की दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की।