प्रयागराज मंडल में पीएनएम बैठक आयोजित, रेलवे प्रशासन और मेंस यूनियन ने कर्मचारियों के हितों पर की विस्तृत चर्चा

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में गुरुवार को मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में उत्तर मध्य रेलवे मेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) के साथ दो दिवसीय स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) बैठक का शुभारंभ हुआ। बैठक में रेलवे प्रशासन और यूनियन के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की तथा बेहतर समन्वय और औद्योगिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया।

बैठक में एनसीआरएमयू के महामंत्री आर.डी. यादव, अपर मंडल रेल प्रबंधक, वरिष्ठ अधिकारियों तथा विभिन्न शाखाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल ने प्रयागराज मंडल की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 के बीच 181 चयन एवं ट्रेड टेस्ट आयोजित कर 3,183 कर्मचारियों को पदोन्नति, 840 कर्मचारियों को एमएसीपी का लाभ, 114 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति तथा 733 मामलों में समापन भुगतान किया गया।

उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए संचालित सिंगल विंडो सेल के माध्यम से प्राप्त 11,823 शिकायतों में से 11,512 का निस्तारण किया जा चुका है। मंडल में ई-ऑफिस और एचआरएमएस प्रणाली का पूर्ण क्रियान्वयन कर दिया गया है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आई है।

कर्मचारी कल्याण योजनाओं के तहत 439 कर्मचारियों के बच्चों को 79.02 लाख रुपये की छात्रवृत्ति, 217 कर्मचारियों को चश्मा भत्ता, 33 दिव्यांग रेल कर्मचारियों को ट्राई-व्हील स्कूटी, तथा कर्मचारियों और महिला रेलकर्मियों के लिए अंडमान-निकोबार भ्रमण कार्यक्रम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित योगाभ्यास की व्यवस्था भी जारी है।

एनसीआरएमयू के महामंत्री आर.डी. यादव ने रेलवे प्रशासन और यूनियन के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से चार पीएनएम बैठकों का कैलेंडर जारी करने का सुझाव दिया। उन्होंने स्थानांतरण, पदोन्नति, आवास और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

बैठक के दौरान रेलवे कॉलोनियों की मरम्मत, ओवरहेड टैंक की सफाई, केंद्रीय अस्पताल की सुविधाएं, शिशु सदन, आरओ प्लांट, वाहन पार्किंग, यात्रा भत्ता, साइकिल स्टैंड और समयोपरि भत्ता सहित कर्मचारियों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

रेलवे प्रशासन ने विश्वास जताया कि इस तरह की नियमित बैठकों से कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा और रेलवे प्रशासन तथा यूनियन के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य संस्कृति को और मजबूती मिलेगी।