बहराइच  थाना विशेश्वरगंज पुलिस की प्रभावी पैरवी से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष की सश्रम कैद कांस्टेबल आलोक कुमार की रही अहम भूमिका। 

बहराइच। जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत थाना विशेश्वरगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2021 में दर्ज दुष्कर्म के एक मामले में प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी के चलते अपर सत्र न्यायाधीश, बहराइच की अदालत ने दोषी कासिम पुत्र आशिक, निवासी गेधरिया थाना विशेश्वरगंज को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹24,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है।मामले के अनुसार, 22 दिसंबर 2021 को पीड़िता घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी कासिम उसके घर में घुस आया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके चाचा मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। पीड़िता की तहरीर पर थाना विशेश्वरगंज में धारा 376, 452 और 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।तत्कालीन विवेचक ने मामले की गहन जांच कर साक्ष्य जुटाए और समयबद्ध तरीके से आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश तथा पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत इस मुकदमे की लगातार मॉनिटरिंग की गई।मामले में थाना विशेश्वरगंज प्रभारी , पुलिस कार्यालय की मॉनिटरिंग सेल, डीजीसी गिरीश चन्द्र शुक्ला, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल रविन्द्र कुमार तथा थाना पैरोकार कांस्टेबल आलोक कुमार ने प्रभावी पैरवी कर अभियोजन पक्ष को मजबूत बनाया। उनकी सशक्त पैरवी और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई।न्यायालय ने आरोपी को धारा 376 आईपीसी में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹20,000 अर्थदंड, धारा 452 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹3,000 अर्थदंड तथा धारा 506 में 1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड से दंडित किया। कुल ₹24,000 का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।बहराइच पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को त्वरित और कठोर सजा दिलाने का अभियान लगातार जारी है। थाना विशेश्वरगंज पुलिस की इस सफलता को अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।