बिजनौर में अग्निशमन विभाग की व्यापक मॉक ड्रिल, फायर टेंडरों और उपकरणों की क्रियाशीलता परखी गई

बिजनौर। किसी भी अग्निकांड की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिजनौर अग्निशमन विभाग ने मंगलवार को जनपद के सभी अग्निशमन केंद्रों पर विशेष मॉक ड्रिल और उपकरणों की व्यापक जांच की। यह अभियान उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय के निर्देश, पुलिस अधीक्षक बिजनौर के आदेश तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित किया गया।

अभियान के तहत बिजनौर, नगीना, नजीबाबाद, धामपुर और चांदपुर अग्निशमन केंद्रों पर उपलब्ध वाटर टेंडर एवं फायर टेंडरों की गहन जांच की गई। वाहनों की साफ-सफाई के साथ उनमें लगे सभी अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनका प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सके।

मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन अधिकारियों और कर्मचारियों को फायर टेंडर में लगे पंप सिस्टम के संचालन, होज पाइप बिछाने, पानी की आपूर्ति शुरू करने, उपकरणों के सुरक्षित उपयोग तथा आग बुझाने की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही सभी होज पाइप, नोजल और अन्य आवश्यक उपकरणों की क्रियाशीलता की जांच कर उन्हें तत्काल उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया कि मुख्यालय के निर्देशानुसार प्रत्येक माह मंगलवार और शुक्रवार को इस प्रकार की मॉक ड्रिल एवं उपकरणों की नियमित जांच कराई जाती है। इसका उद्देश्य अग्निशमन कर्मियों की कार्यकुशलता, शारीरिक दक्षता और आपदा प्रबंधन क्षमता को निरंतर बेहतर बनाए रखना है, ताकि किसी भी अग्निकांड या आपात स्थिति में बिना किसी विलंब के प्रभावी कार्रवाई कर जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास और उपकरणों का समय-समय पर परीक्षण अग्निशमन विभाग की आपातकालीन तैयारियों को मजबूत बनाता है और इससे किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना अधिक दक्षता और तेजी से किया जा सकता है।