140 करोड़ से पुनर्विकसित जैसलमेर रेलवे स्टेशन तैयार, विश्वस्तरीय सुविधाओं से बदलेगी सफर की तस्वीर

जैसलमेर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 140 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित जैसलमेर रेलवे स्टेशन पूरी तरह तैयार हो गया है। हेरिटेज शैली में विकसित यह स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस है और पश्चिमी राजस्थान की नई पहचान बनने जा रहा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि स्टेशन का नया जी+2 भवन लगभग 8,327 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया गया है। भवन के बाहरी हिस्से में जैसलमेर के प्रसिद्ध स्वर्णिम पीले पत्थर का उपयोग किया गया है, जिससे इसे शहर की ऐतिहासिक विरासत के अनुरूप आकर्षक स्वरूप मिला है।

स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए 10 लिफ्ट, 10 एस्केलेटर, दो आधुनिक फुट ओवरब्रिज, विशाल एयर कॉनकोर्स, आधुनिक प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, विस्तृत पार्किंग और 480 वर्गमीटर का वाणिज्यिक क्षेत्र विकसित किया गया है। तीनों प्लेटफॉर्मों पर 10 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में आधुनिक शेड भी लगाए गए हैं।

पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए स्टेशन की प्रमुख वाणिज्यिक परिसंपत्तियों का आवंटन भी किया जा चुका है। परिसर में कियोस्क, रिटायरिंग रूम, डॉरमेटरी, वेटिंग लाउंज, मल्टी-पर्पज हॉल, आधुनिक पार्किंग, रेल कोच रेस्टोरेंट और कैटरिंग स्टॉल विकसित किए गए हैं। इनसे रेलवे को प्रतिवर्ष करीब 50 लाख रुपये की गैर-किराया आय होने का अनुमान है।

रेलवे का मानना है कि अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह स्टेशन यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव देने के साथ-साथ जैसलमेर के पर्यटन, स्थानीय व्यापार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगा।