अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशन का कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से हुआ लैस

मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास पूरा कर लिया है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस स्टेशन का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव देने के साथ-साथ इसकी ऐतिहासिक विरासत को भी संरक्षित रखना है।

वर्ष 1878 में स्थापित हल्दीबाड़ी स्टेशन उत्तर बंगाल का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। वर्ष 2020 में हल्दीबाड़ी?चिलाहाटी रेल लिंक दोबारा शुरू होने के बाद इसका रणनीतिक महत्व और बढ़ गया, जिससे भारत और बांग्लादेश के बीच रेल संपर्क तथा सीमा-पार व्यापार को नई मजबूती मिली।

मार्च 2026 में पूर्ण हुए पुनर्विकास कार्यों के तहत स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण, नए प्रतीक्षालय, आधुनिक शौचालय, 12 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म शेल्टर, ग्रेनाइट और कोटा पत्थर से प्लेटफॉर्म का नवीनीकरण, दो लिफ्ट, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, विस्तृत पार्किंग और सर्कुलेटिंग एरिया का निर्माण किया गया है। स्टेशन परिसर का सौंदर्यीकरण लैंडस्केपिंग और ग्रैफिटी आर्ट के माध्यम से किया गया है।

दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, टैक्टाइल पाथवे, सुलभ शौचालय, बेहतर साइनेज और आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही आधुनिक दूरसंचार और सुरक्षा प्रणाली लगाकर स्टेशन की परिचालन क्षमता और सुरक्षा को मजबूत किया गया है।

रेलवे का कहना है कि पुनर्विकास से स्टेशन पर भीड़, पार्किंग की कमी, जलभराव और पुराने बुनियादी ढांचे जैसी समस्याओं का समाधान हुआ है। इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा, जबकि 'वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट' पहल के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उसके क्षेत्राधिकार में 92 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। यह भारतीय रेल की देशभर के 1,337 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है।