हिल स्लिप के बाद उत्तर रेलवे की तत्परता, 107 यात्रियों को सुरक्षित निकाला, बसों से कालका पहुंचाया

अंबाला। कालका शिमला रेलखंड पर कथलीघाट कानों स्टेशन के बीच पहाड़ी खिसकने (हिल स्लिप) की घटना के बाद उत्तर रेलवे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों की सुरक्षित निकासी और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित की।

4 जुलाई को हुई इस घटना के कारण रेल यातायात अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ। प्रभावित खंड में फंसी शिमला कालका शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस को सुरक्षित रूप से कथलीघाट स्टेशन वापस लाया गया। ट्रेन में कुल 107 यात्री सवार थे।

रेलवे प्रशासन ने पूरी घटना के दौरान यात्रियों से लगातार संपर्क बनाए रखा और उन्हें स्थिति की जानकारी देते हुए आवश्यक सहायता एवं भरोसा प्रदान किया। यात्रियों की सुविधा के लिए कथलीघाट स्टेशन पर तीन बसों की व्यवस्था की गई, जिनसे 97 यात्रियों को सुरक्षित कालका पहुंचाया गया।

कालका स्टेशन पर यात्रियों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई। वहीं, आगे की यात्रा में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कालका हावड़ा मेल को 60 मिनट विलंब से रवाना किया गया, ताकि सभी प्रभावित यात्री आराम से अपनी अगली ट्रेन पकड़ सकें।

उत्तर रेलवे ने प्राकृतिक आपदा जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित निर्णय, बेहतर समन्वय और प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों के सहयोग और धैर्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए हुई असुविधा पर खेद भी जताया।