एस्केलेटर से छेड़छाड़ करने वालों पर रेलवे सख्त, बड़े स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी

एस्केलेटर से छेड़छाड़ करने वालों पर रेलवे सख्त, बड़े स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने स्टेशन परिसरों में लगे एस्केलेटर के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि एस्केलेटर के संचालन में किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें और इसका उपयोग तय नियमों के अनुसार ही करें।

जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि कई बार एस्केलेटर लंबे समय तक उपयोग नहीं होने पर स्वचालित प्रणाली के कारण अस्थायी रूप से बंद दिखाई देता है। जैसे ही कोई यात्री उस पर चढ़ता है, एस्केलेटर अपने आप दोबारा चलने लगता है। इसके अलावा कई बार बच्चों या अन्य लोगों द्वारा स्टॉप बटन दबा देने से भी एस्केलेटर कुछ समय के लिए बंद हो जाता है, लेकिन सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी उसे तुरंत फिर से चालू कर देते हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार जिन बड़े स्टेशनों पर एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध है, वहां एस्केलेटर क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर एस्केलेटर के संचालन में अनावश्यक हस्तक्षेप करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे एस्केलेटर के नियंत्रण बटन या अन्य उपकरणों से अनावश्यक छेड़छाड़ न करें तथा बच्चों पर विशेष ध्यान रखें। किसी भी तकनीकी खराबी या असुविधा की स्थिति में स्वयं हस्तक्षेप करने के बजाय तुरंत रेलवे कर्मचारियों को सूचना दें, ताकि सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।