जोधपुर मंडल का नव-लोकार्पित ‘सेंटर फॉर डेवलपमेंट’ बना रेलकर्मियों के आकर्षण का केंद्र

जोधपुर मंडल का नव-लोकार्पित ?सेंटर फॉर डेवलपमेंट? बना रेलकर्मियों के आकर्षण का केंद्र

कर्मचारियों के कौशल विकास, नवाचार और आधुनिक कार्य संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

जोधपुर मंडल में हाल ही में शुरू किया गया सेंटर फॉर डेवलपमेंट रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर में स्थापित इस आधुनिक केंद्र का सोमवार को बड़ी संख्या में रेलकर्मियों ने अवलोकन किया और यहां उपलब्ध सुविधाओं तथा भविष्य में संचालित होने वाली गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

यह अत्याधुनिक और वातानुकूलित केंद्र मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी की पहल पर विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों के सर्वांगीण विकास, ज्ञानवर्धन, कौशल उन्नयन, नवाचार को बढ़ावा देने तथा रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि यह केंद्र कर्मचारियों को आधुनिक कार्य संस्कृति के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ के जोधपुर दौरे के दौरान इस केंद्र का लोकार्पण किया गया था। इस अवसर पर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यह पहल कर्मचारियों के भीतर सतत सीखने की संस्कृति विकसित करने और उन्हें बदलती तकनीक तथा आधुनिक कार्यशैली के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस केंद्र में कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, व्यक्तित्व विकास, कौशल उन्नयन, करियर काउंसलिंग, शोध एवं नवाचार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा यहां कला एवं संस्कृति दीर्घा, भारतीय रेल दीर्घा, डिजिटल वॉल, डिजिटल क्विज, डिजिटल म्यूजियम, पुस्तकालय, स्पोर्ट्स एरीना और कैफे कॉर्नर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं, जिससे सीखने और रचनात्मकता को बढ़ावा मिलेगा।

कई विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने किया अवलोकन

इस अवलोकन कार्यक्रम में कार्मिक, लेखा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार, रेलवे सुरक्षा बल, सामान्य प्रशासन, स्टोर्स, विद्युत, यांत्रिक, परिचालन, वाणिज्य और सुरक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। रेलवे प्रशासन के अनुसार यह केंद्र भविष्य में कर्मचारियों की कार्य दक्षता, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक उत्कृष्टता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

रेलवे के इस अभिनव प्रयास को कर्मचारियों के विकास और आधुनिक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।