* डीडीए द्वारा की गई अधिग्रहीत किसानों की जमीन के बदले दिया जाने वाला अल्टरनेटिव प्लॉट की स्कीम अधर में *

डीडीए द्वारा अधिग्रहितकी गई जमीन के बदले **अल्टरनेटिव प्लॉट (Alternative Plot Scheme) ना मिलने को लेकर किसानों कापरेशान होना पूरी तरह से स्वाभाविक है। यह योजना पिछले काफी समय से प्रशासनिक और कानूनी पेचीदगियों के कारण कछुआ गति से चल रही है या यूं कहें कि व्यावहारिक रूप से रुकी हुई है।
इस योजना की वर्तमान स्थिति, भविष्य की संभावनाओं और मैदान गढ़ी व उसके साथ 13 गांवों की जमीन लिए क्या रास्ते खुले हैं, इसके बारे में पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
डीडीए की अल्टरनेटिव प्लॉट आवंटन योजना **पूरी तरह से बंद नहीं हुई है, लेकिन यह बेहद सुस्त और विवादों में घिरी हुई है।** इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:-

डीडीए का कहना है कि उनके पास विकसित (developed) आवासीय प्लॉटों की भारी कमी है, जिसके कारण वे आवंटन नहीं कर पा रहे हैं। मैदान गढ़ी के किसानों के द्वारा पता चला है कि सन् 1980 में उनकी और साथ में अन्य 13 गांवों सहित अधिग्रहीत के चपेट आए हुए किसान आज तक यातना झेल रहे हैं, और बहुत से किसान मुआवजा भी नहीं ले पाए है, 46 साल लंबी यातना झेलने का दुख अपनी ही जमीन के लिए गारंटर लाने जैसा कष्ट चुपचाप झेल रहे हैं , गरीब किसानों का कोई नेता , अभी नेता हेल्प के लिए नहीं आता ।

*कानूनी रास्ता (कोर्ट का रुख):** वर्तमान में सबसे बड़ा दुख इस बात का भी है वकीलों के चंगुल से छुटकारा पाना पूरी फीस पहुंचने पर वकील साहब चार धाम यात्रा पर निकल जाते हैं ।