रेल कर्मचारियों की ईमानदारी बनी मिसाल: ट्रेन में छूटा मोबाइल और पर्स सुरक्षित लौटाकर जीता यात्रियों का भरोसा

रेल कर्मचारियों की ईमानदारी बनी मिसाल: ट्रेन में छूटा मोबाइल और पर्स सुरक्षित लौटाकर जीता यात्रियों का भरोसा

जम्मू मंडल के कर्मचारियों ने एक बार फिर अपनी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना का शानदार उदाहरण पेश किया है। 28 जून 2026 को हुई दो अलग-अलग घटनाओं में रेलवे कर्मचारियों ने यात्रियों का छूटा सामान सुरक्षित लौटाकर भारतीय रेल की विश्वसनीयता को और मजबूत किया।

पहली घटना में वंदे भारत ट्रेन संख्या 26406 के C5 कोच में यात्रा कर रहे एक यात्री का मोबाइल फोन ट्रेन में ही छूट गया। ड्यूटी पर तैनात चेकिंग स्टाफ ने सतर्कता दिखाते हुए पीएनआर के माध्यम से यात्री से संपर्क किया और सही जानकारी का सत्यापन करने के बाद अमृतसर स्टेशन पर उनके भाई को मोबाइल सुरक्षित सौंप दिया। यात्री ने रेलवे कर्मचारियों की ईमानदारी और तत्परता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

वहीं दूसरी घटना में ट्रेन संख्या 22401 के B12 कोच में यात्रा कर रहे एक यात्री गलती से अपना पर्स ट्रेन में भूल गए। यात्रियों ने इसकी सूचना जम्मूतवी स्टेशन पर ऑन-ड्यूटी चेकिंग स्टाफ को दी। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पर्स को ढूंढ निकाला और टिकट निरीक्षक कार्यालय जम्मू में आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद यात्री को सुरक्षित वापस कर दिया।

जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि रेलवे के लिए यात्री सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यात्रियों का सामान सुरक्षित लौटाना केवल ड्यूटी नहीं, बल्कि सेवा भावना और जिम्मेदारी का प्रतीक है।

इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर साबित किया है कि भारतीय रेलवे केवल यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि यात्रियों के भरोसे और सुरक्षा का मजबूत साथी है। रेलवे कर्मचारियों की यह ईमानदारी और समर्पण सेवा के प्रति उनकी सच्ची निष्ठा को दर्शाता है।