उत्तर पश्चिम रेलवे में हिंदी को बढ़ावा देने पर जोर, राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 72वीं बैठक संपन्न

उत्तर पश्चिम रेलवे में हिंदी को बढ़ावा देने पर जोर, राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 72वीं बैठक संपन्न

जयपुर,उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रधान कार्यालय जयपुर स्थित संकल्प सभाकक्ष में गुरुवार को क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 72वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर महाप्रबंधक अशोक माहेश्वरी ने की। बैठक में मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के दौरान राजभाषा हिंदी की प्रगति की समीक्षा की गई तथा सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिकतम प्रयोग पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक की शुरुआत प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक एवं मुख्य राजभाषा अधिकारी अतुल सक्सेना के संबोधन से हुई। उन्होंने उत्तर पश्चिम रेलवे में हिंदी के प्रयोग और उसके प्रचार-प्रसार की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधान कार्यालय स्तर पर त्रैमासिक हिंदी ई-पत्रिका ?मरुधरा? का नियमित प्रकाशन किया जा रहा है। इसके साथ ही हिंदी कार्यशालाएं, प्रतियोगिताएं और पुरस्कार वितरण जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे अपने अधिकतर सरकारी कार्य हिंदी में करें ताकि अधीनस्थ कर्मचारी भी इससे प्रेरित होकर हिंदी में कामकाज को बढ़ावा दें।

अपर महाप्रबंधक एवं समिति अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर पश्चिम रेलवे का अधिकांश क्षेत्र राजभाषा नियमों के अंतर्गत ?क? क्षेत्र में आता है, इसलिए हिंदी में कार्य करना हमारा संवैधानिक और नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर अशोक माहेश्वरी ने हिंदी ई-पत्रिका ?मरुधरा? के 34वें अंक का विमोचन किया। साथ ही वर्ष 2025 में हिंदी में सर्वाधिक डिक्टेशन देने के लिए डॉ. के. कृष्ण कुमार और विनोद कुमार को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा वर्ष 2025-26 के दौरान सरकारी कार्यों, टिप्पणियों और प्रारूप लेखन को मूल रूप से हिंदी में करने वाले 10 विजेता कर्मचारियों को भी प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।

बैठक के दौरान वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी ने कार्यसूची के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की तथा समिति सदस्यों से हिंदी के प्रचार-प्रसार को और प्रभावी बनाने के सुझाव आमंत्रित किए। सभी सदस्यों ने सरकारी कार्यों में हिंदी के उपयोग को बढ़ाने के लिए अपने विचार प्रस्तुत किए।

बैठक के अंत में उप मुख्य राजभाषा अधिकारी ने सभी अधिकारियों और समिति सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा अध्यक्ष की अनुमति से बैठक समाप्ति की घोषणा की।

उत्तर पश्चिम रेलवे में हिंदी को सरकारी कामकाज की मुख्य भाषा बनाने और राजभाषा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।