हरदोई में वादी के बयान के बाद भी पत्रकार पर मुकदमा बरकरार, निष्पक्ष जांच की मांग तेज, अनशन की चेतावनी

हरदोई। शाहाबाद थाना क्षेत्र के परियल प्रकरण में बच्ची की मौत से संबंधित समाचारों के प्रकाशन के बाद दर्ज मुकदमे में वरिष्ठ पत्रकार पप्पू दीक्षित की नामजदगी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन शाहाबाद के संरक्षक एवं वरिष्ठ पत्रकार दिनेश प्रसाद मिश्रा ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाते हुए आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
दिनेश प्रसाद मिश्रा का कहना है कि मुकदमे के वादी ने सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया है कि वह पप्पू दीक्षित को नहीं जानता और उसने अपनी मूल शिकायत में उनका नाम नहीं दिया था। इसके बावजूद मुकदमे में उनका नाम बरकरार रहने से पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि वादी से सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर बाद में नाम जोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा कि परियल प्रकरण और अन्य मामलों से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों एवं सोशल मीडिया मंचों पर विचार व्यक्त करने वालों पर भी दबाव बनाया जा रहा है, जो स्वतंत्र पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है।
मिश्रा ने प्रदेश सरकार और पुलिस के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह कोतवाली शाहाबाद के सामने आमरण अनशन शुरू करेंगे।
वहीं इस मामले में प्रभारी निरीक्षक शाहाबाद अरविंद कुमार राय का कहना है कि प्रकरण की जांच अभी जारी है। ऐसे में अब लोगों की निगाहें जांच के निष्कर्ष और पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।