शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या कांड में बड़ी कार्रवाई: 4 महीने बाद गिरफ्तार हुईं पूर्व BSA शालिनी श्रीवास्तव, भेजी गईं जेल

जिला संवाददाता - अतुल पति त्रिपाठी, जनपद देवरिया।

देवरिया/गोरखपुर। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब चार महीने से फरार चल रही देवरिया की निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव को दिल्ली के वजीराबाद क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

मामला कुशीनगर निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह से जुड़ा है। आरोप है कि उनकी नियुक्ति बहाल कराने के नाम पर तत्कालीन BSA शालिनी श्रीवास्तव और विभागीय लिपिक संजीव सिंह द्वारा लाखों रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। बताया जाता है कि शिक्षक ने अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद रकम का इंतजाम किया, लेकिन इसके बाद भी कथित तौर पर उनसे धन की मांग और मानसिक उत्पीड़न जारी रहा।

परिजनों के अनुसार 20 फरवरी को बीएसए कार्यालय में शिक्षक का अपमान किया गया था। इसके अगले दिन 21 फरवरी को कृष्ण मोहन सिंह ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो और सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें तत्कालीन BSA शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था।

मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने शालिनी श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रही थीं, लेकिन पुलिस की सर्विलांस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दिल्ली में उनकी लोकेशन ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में कथित बिचौलिये की भूमिका निभाने वाले सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं मुख्य सह-आरोपी लिपिक संजीव सिंह अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

शालिनी श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित परिवार और राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ जैसे शिक्षक संगठनों ने मामले के सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उक्त मामले में संलिप्त अन्य बाबुओं और संदिग्धों की जांच कर गिरफ्तार करने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।