रेलवे सुरक्षा बल का ‘नन्हे फरिस्ते’ अभियान बना बच्चों की सुरक्षा का मजबूत सहारा, छह माह में 315 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया

रेलवे सुरक्षा बल का नन्हे फरिस्ते अभियान बना बच्चों की सुरक्षा का मजबूत सहारा, छह माह में 315 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया

उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाया जा रहा नन्हे फरिस्ते अभियान बच्चों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कवच बनकर सामने आया है। मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त दीपक कुमार आजाद के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल लगातार रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अकेले, लापता, भटके हुए अथवा संकट में फंसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण प्रदान कर रहा है।

रेलवे सुरक्षा बल द्वारा जनवरी 2026 से लेकर 15 जून 2026 तक चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत प्रयागराज मंडल क्षेत्र से कुल 315 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। इनमें ऐसे बच्चे शामिल थे जो अपने परिवार से बिछड़ गए थे, घर से भटककर रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे या किसी अन्य कारण से असुरक्षित स्थिति में पाए गए थे।

आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक बच्चों को मिर्जापुर रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बचाया गया, जहां कुल 114 बच्चों को संरक्षण दिया गया। इसके बाद कानपुर सेंट्रल से 51 बच्चे, प्रयागराज जंक्शन से 45 बच्चे, अलीगढ़ से 19 बच्चे, टूंडला से 18 बच्चे और फतेहपुर से 15 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा प्रयागराज छिवकी, मानिकपुर, सूबेदारगंज, नैनी, इटावा, खुर्जा, चुनार, जीएमसी, हाथरस, दादरी, पनकी धाम और फफूंद स्टेशन से भी बच्चों को सुरक्षित निकाला गया। कुल 315 बच्चों में 197 लड़के और 118 लड़कियां शामिल हैं।

बचाव के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने सभी बच्चों को आवश्यक देखभाल और सुरक्षा उपलब्ध कराई। इसके बाद बच्चों के परिजनों की पहचान कर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई और नियमानुसार बच्चों को उनके परिवारों अथवा बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान सिर्फ बच्चों को सुरक्षित बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव तस्करी, बाल श्रम और अन्य सामाजिक अपराधों की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रयागराज मंडल का रेलवे सुरक्षा बल भविष्य में भी इसी तरह संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ कार्य करते हुए रेलवे परिसरों को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि रेलवे स्टेशन या ट्रेन में कोई बच्चा अकेला, परेशान या संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई दे तो तुरंत रेलवे सुरक्षा बल, रेल हेल्पलाइन 139 या निकटतम रेलवे कर्मचारी को सूचना दें, ताकि समय रहते उसकी मदद की जा सके।