मामूली मारपीट में डॉक्टर के फर्जी बयान दर्ज कर हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाने का विवेचक पर आरोप।

रामपुर कारखाना (देवरिया)। थाना रामपुर कारखाना क्षेत्र के भगवानपुर तिवारी गांव निवासी दुर्गेश मिश्रा ने एक विवेचक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विवेचक ने अनुकूल विवेचना रिपोर्ट लगाने के नाम पर ₹50,000 रिश्वत की मांग की थी। रकम न मिलने पर केस डायरी में डॉक्टर का कथित फर्जी बयान दर्ज कर मामूली मारपीट के मुकदमे में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धारा जोड़ दी गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2025 में हुए एक मारपीट के मामले में मूल चिकित्सकीय परीक्षण (MLC) में चोटों को सामान्य प्रकृति का बताया गया था तथा कुछ चोटों को केवल चिकित्सकीय निगरानी (Kept Under Observation) में रखा गया था। इसके बावजूद अगले ही दिन मुकदमे में गंभीर धाराएं जोड़ दी गईं, जिसके कारण आरोपी को जेल जाना पड़ा।
मामले में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विनीत कुमार सिंह द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया कि उन्होंने पुलिस को ऐसा कोई मौखिक बयान नहीं दिया था, जिसका उल्लेख केस डायरी में किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवेचक ने साक्ष्यों की कूटरचना कर डॉक्टर का फर्जी बयान दर्ज किया और पद का दुरुपयोग किया।
दुर्गेश मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक से संबंधित विवेचक के विरुद्ध रिश्वत मांगने, पद का दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, गलत साक्ष्य गढ़ने और फर्जी अभिलेख तैयार करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही मामले की पुनः जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराए जाने की भी मांग की गई है।
पुलिस का कहना है कि मुकदमे में धाराएं चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर बढ़ाई गई थीं। पुलिस अधिकारियों ने शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह मामला अब निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।