एडवोकेट अरुण पचौरी के नेतृत्व में खेरागढ़ में हुआ भव्य आयोजन, शंकराचार्य ने गौसंरक्षण पर रखे विचार

खेरागढ़। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी अरुण पचौरी के नेतृत्व में आयोजित एक भव्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का खेरागढ़ आगमन हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं, गौसेवकों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर क्षेत्र में एडवोकेट अरुण पचौरी की व्यापक सराहना की जा रही है। धार्मिक, सामाजिक और गौसंरक्षण से जुड़े इस विशाल आयोजन की संपूर्ण व्यवस्थाओं का संचालन उनके नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में दो दर्जन से अधिक ग्राम प्रधानों, खेरागढ़ तहसील के गौसेवकों तथा आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की पावन पादुकाओं का पूजन एडवोकेट अरुण पचौरी एवं उनकी धर्मपत्नी गीता पचौरी ने तिलक सिकरवार एवं उनकी धर्मपत्नी रीना सिकरवार के साथ विधि-विधान से किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए इस पूजन कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ दिया।

अपने संबोधन में शंकराचार्य ने गौसंरक्षण और गौसेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सरकारों की नीतियों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण आधार हैं तथा उनके संरक्षण के लिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर शंकराचार्य ने खेरागढ़ के वरिष्ठ समाजसेवी हरीश त्यागी द्वारा किए जा रहे गौसेवा कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें "गौसेवक" की उपाधि प्रदान की। साथ ही खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित गोधाम की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई। शंकराचार्य ने कहा कि जनसहयोग के माध्यम से यह कार्य क्षेत्र में गौसंरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि एडवोकेट अरुण पचौरी द्वारा आयोजित यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि गौसंरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता का एक प्रभावशाली मंच भी बना। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि खेरागढ़ क्षेत्र में गौसेवा और धार्मिक मूल्यों के प्रति लोगों में गहरी आस्था है।

कार्यक्रम के समापन पर शंकराचार्य ने आयोजकों को आशीर्वाद देते हुए समाजहित और गौसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी आयोजन की भव्यता और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए एडवोकेट अरुण पचौरी का आभार व्यक्त किया।