मां के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, 5 महीनों में 40 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

मां वैष्णो देवी यात्रा ने रचा नया इतिहास, 5 महीनों में 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

कटड़ा। आस्था, विश्वास और श्रद्धा का प्रतीक मां वैष्णो देवी यात्रा वर्ष 2026 में नए कीर्तिमान स्थापित करती नजर आ रही है। वर्ष के पहले पांच महीनों में ही 40.85 लाख से अधिक श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 8 लाख अधिक है, जो देशभर के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को दर्शाता है।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मई 2026 के बीच 40,85,255 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेका, जबकि वर्ष 2025 की इसी अवधि में यह संख्या 32,82,765 थी। इस प्रकार इस वर्ष अब तक 8,02,490 अतिरिक्त श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं।

वर्तमान में यात्रा अपने चरम पर है। स्कूलों और कॉलेजों में ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होने के साथ ही प्रतिदिन 38 हजार से 43 हजार श्रद्धालु यात्रा कर रहे हैं, जबकि सप्ताहांत पर यह संख्या 45 हजार तक पहुंच रही है। कटड़ा, भवन और पूरे त्रिकुटा पर्वत क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है तथा जय माता दी के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है।

मई में बना नया रिकॉर्ड

मासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो मई 2026 में सर्वाधिक 10,92,776 श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। इससे पहले जनवरी में 6.96 लाख, फरवरी में 4.45 लाख, मार्च में 9.36 लाख और अप्रैल में 9.14 लाख श्रद्धालु यात्रा पर पहुंचे थे। लगातार बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि वर्ष 2026 मां वैष्णो देवी यात्रा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ सकता है।

यात्रा सुविधाएं बनीं आकर्षण का केंद्र

श्राइन बोर्ड, जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से यात्रा पूरी तरह सुचारू बनी हुई है। श्रद्धालुओं को पंजीकरण, सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, भोजन, स्वच्छता और आवास जैसी सभी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जा रही हैं। यात्रा मार्ग पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिल सके।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिली रफ्तार

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का सकारात्मक प्रभाव कटड़ा और आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। होटल, रेस्तरां, परिवहन सेवाएं, प्रसाद और स्मृति चिन्हों के कारोबार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मां के दर्शन के बाद श्रद्धालु भैरव बाबा के मंदिर पहुंचकर अपनी यात्रा पूर्ण कर रहे हैं और स्थानीय बाजारों में खरीदारी कर व्यापारियों के चेहरों पर भी मुस्कान ला रहे हैं।

नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही यात्रा

श्राइन बोर्ड और प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में भी यही रफ्तार बनी रही तो वर्ष 2026 मां वैष्णो देवी यात्रा के इतिहास का सबसे सफल वर्षों में से एक साबित हो सकता है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या यह प्रमाणित करती है कि मां वैष्णो देवी के प्रति देश-दुनिया के भक्तों की आस्था पहले की तरह अटूट और मजबूत बनी हुई है।