96 साल की शान, 97वें वर्ष में पहुंची ‘दक्कन की रानी’, आज भी बरकरार है डेक्कन क्वीन का जलवा

96 साल का गौरवशाली सफर पूरा कर 97वें वर्ष में पहुंची डेक्कन क्वीन, आज भी कायम है ?दक्कन की रानी? की शान

मुंबई। मध्य रेल की सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक ट्रेनों में शामिल डेक्कन क्वीन ने 1 जून 2026 को अपनी सेवा के 96 गौरवशाली वर्ष पूरे करते हुए 97वें वर्ष में प्रवेश कर लिया। मुंबई और पुणे के बीच चलने वाली यह प्रतिष्ठित ट्रेन न केवल भारतीय रेल की विरासत का प्रतीक है, बल्कि लाखों यात्रियों की भावनाओं से भी जुड़ी हुई है।

1 जून 1930 को तत्कालीन ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे (जीआईपीआर) द्वारा शुरू की गई डेक्कन क्वीन भारतीय रेलवे की पहली डीलक्स ट्रेन थी। मुंबई और पुणे जैसे दो प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली इस ट्रेन को उसकी उत्कृष्ट सेवाओं और शाही पहचान के कारण "दक्कन की रानी" नाम दिया गया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर पुणे स्टेशन पर 12124 पुणे?मुंबई डेक्कन क्वीन तथा छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर 12123 मुंबई?पुणे डेक्कन क्वीन के प्रस्थान के समय विशेष समारोह आयोजित किए गए। आकर्षक पुष्प सज्जा से सुसज्जित ट्रेन के बीच यात्रियों, रेल अधिकारियों और रेल प्रेमियों की मौजूदगी में केक काटकर 96 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का जश्न मनाया गया।

यात्री सुविधाओं को मिला आधुनिक स्वरूप

डेक्कन क्वीन के 97वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर ट्रेन में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। डाइनिंग कार का नवीनीकरण कर उसकी विरासत को बरकरार रखते हुए आधुनिक फर्नीचर और आकर्षक इंटीरियर प्रदान किया गया है। वहीं शौचालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। कोचों के अंदरूनी हिस्सों, छत और पैनल बोर्डों को भी नए आकर्षक स्वरूप में तैयार किया गया है।

इससे पहले 27 मार्च 2026 को सीएसएमटी में आयोजित ट्रेन महोत्सव के दौरान डेक्कन क्वीन की 1930 से अब तक की यात्रा पर आधारित विशेष ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी प्रदर्शित की गई थी, जिसे यात्रियों और रेल प्रेमियों ने खूब सराहा।

विरासत और आधुनिकता का अनूठा संगम

डेक्कन क्वीन की शुरुआत दो रेक और सात-सात कोचों के साथ हुई थी। समय के साथ ट्रेन में कई तकनीकी बदलाव हुए। वर्ष 1966 में स्टील बॉडी वाले इंटीग्रल कोच लगाए गए, 1995 में एयर ब्रेक रेक शामिल किए गए और अगस्त 2021 में इसमें विस्टाडोम कोच जोड़ा गया, जिससे यात्रियों को पश्चिमी घाट के मनोहारी दृश्यों का आनंद लेने का अवसर मिला।

जून 2022 में ट्रेन के सभी पारंपरिक कोचों को एलएचबी कोचों से बदल दिया गया। वर्तमान में यह ट्रेन 16 कोचों के साथ संचालित होती है, जिनमें एसी चेयर कार, सेकेंड क्लास चेयर कार, विस्टाडोम कोच, डाइनिंग कार और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।

भारत की एकमात्र डाइनिंग कार वाली ट्रेन

डेक्कन क्वीन की सबसे बड़ी पहचान इसकी डाइनिंग कार है। वर्तमान में यह भारत की एकमात्र नियमित ट्रेन है जिसमें यात्रियों को टेबल सर्विस के साथ भोजन उपलब्ध कराया जाता है। आधुनिक पेंट्री सुविधाओं से युक्त यह डाइनिंग कार ट्रेन की शान मानी जाती है।

समयपालन और विश्वसनीयता की मिसाल

पिछले 96 वर्षों में डेक्कन क्वीन ने समयपालन और उत्कृष्ट सेवा की ऐसी परंपरा स्थापित की है, जिसने इसे केवल एक ट्रेन नहीं बल्कि एक संस्था बना दिया है। मुंबई और पुणे के लाखों यात्रियों के लिए यह आज भी भरोसे, सुविधा और विरासत का प्रतीक बनी हुई है।

डेक्कन क्वीन का यह गौरवशाली सफर भारतीय रेल की समृद्ध विरासत, तकनीकी प्रगति और यात्री सेवा के प्रति समर्पण की प्रेरणादायक कहानी है।