कैरिज कार्यशाला में शुरू हुआ "एक माह-एक व्यक्ति-एक पुस्तक" अभियान

जोधपुर। कर्मचारियों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने और बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने के उद्देश्य से कैरिज कार्यशाला के राजभाषा अनुभाग ने एक माह-एक व्यक्ति-एक पुस्तक अभियान की शुरुआत की है। अभियान का उद्देश्य पुस्तकालय संस्कृति को मजबूत करना तथा कर्मचारियों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करना है।

अभियान का शुभारंभ मुख्य कारखाना प्रबंधक रवि मीना ने 'पंच परमेश्वर' पुस्तक के विमोचन के साथ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और सकारात्मक सोच की आधारशिला भी हैं। नियमित अध्ययन से व्यक्ति की समझ और दृष्टिकोण का विस्तार होता है।

उप मुख्य कार्मिक अधिकारी डॉ. सुनीता चौधरी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रत्येक माह पुस्तकालय से कम से कम एक पुस्तक लेकर पढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि कर्मचारी पढ़ी गई पुस्तक के साथ अपनी फोटो या सेल्फी निर्धारित समूह में साझा करें, ताकि अन्य लोग भी पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित हो सकें।

डॉ. चौधरी ने कहा कि यह पहल अध्ययन, चिंतन और ज्ञानार्जन की संस्कृति को बढ़ावा देगी। साथ ही कर्मचारियों को मोबाइल स्क्रीन से दूर रहकर पुस्तकों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने का अवसर भी मिलेगा।

कार्यक्रम में कार्यशाला के अधिकारी, विभिन्न यूनियनों एवं एसोसिएशनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कनिष्ठ अनुवादक चंद्र प्रकाश आर्य ने किया।