आयुर्वेद में नाभि की देखभाल ही शरीर की संपूर्ण सुरक्षा का केंद्र माना

श्रीगंगानगर।आयुर्वेदिक उत्पादों की निर्माता कंपनी भभूति हर्बल की ओर से ऋद्धि-सिद्धि में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कंपनी की मैनेजर सिमरन शर्मा ने मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए आयुर्वेद के महत्व, उसकी प्राचीन विरासत और वर्तमान समय में उसकी बढ़ती आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।सिमरन शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित है। आधुनिक जीवनशैली के कारण बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याओं के बीच लोग पुनः प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उत्पादों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक तत्वों के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रखने तथा रोगों से बचाव पर विशेष जोर दिया जाता है।उन्होंने कंपनी के विभिन्न उत्पादों जैसे नाभि ऑयल, हेयर ग्रोथ ऑयल, मुल्तानी मिट्टी, एलोवेरा और अन्य आयुर्वेदिक उत्पादों की जानकारी देते हुए उनके उपयोग और लाभ बताए। सिमरन शर्मा ने बताया कि नाभि को शरीर का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है और आयुर्वेद में नाभि की देखभाल का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि नाभि ऑयल के नियमित उपयोग से त्वचा को नमी बनाए रखने, होंठों के सूखेपन को कम करने तथा शरीर को पोषण प्रदान करने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा यह शरीर को आराम देने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है।उन्होंने बताया कि हेयर ग्रोथ ऑयल बालों की जड़ों को पोषण देकर उन्हें मजबूत बनाने में मदद करता है, जबकि मुल्तानी मिट्टी त्वचा की गहराई से सफाई कर प्राकृतिक निखार प्रदान करती है। एलोवेरा आधारित उत्पाद त्वचा की देखभाल, ताजगी और प्राकृतिक चमक बनाए रखने में उपयोगी होते हैं।सिमरन शर्मा ने कहा कि भभूति हर्बल का उद्देश्य लोगों तक शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उत्पाद पहुंचाना है। कंपनी प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान के आधार पर ऐसे उत्पाद तैयार कर रही है जो दैनिक जीवन में स्वास्थ्य और सौंदर्य दोनों के लिए लाभदायक हो सकते हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों को उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों और उनके उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। उपस्थित पत्रकारों ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका कंपनी प्रतिनिधियों द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया।कार्यक्रम के अंत में सिमरन शर्मा ने आमजन से आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने और प्राकृतिक उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ और निरोगी समाज के निर्माण में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका है। अंत में मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया।